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किसानों को राहत के लिए 219 करोड़ की दरकार

Tue, 22 Dec 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
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जिले में अतिवृष्टि और सूखा से प्रभावित किसानों को अब भी मदद की दरकार है। चरखारी, कुलपहाड़ और महोबा तहसील क्षेत्र के किसानों को अतिवृष्टि व सूखा राहत वितरित के लिए 219 करोड़ रुपये की जरूरत है। जिसमें अतिवृष्टि प्रभावित किसानों के लिए 47 करोड़ व सूखा राहत के लिए 172 करोड़ की जरूरत है। हालांकि शासन स्तर से काफी किसानों को राहत राशि का वितरण कराया भी गया है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसान सरकारी मदद के इंतजार में हैं।
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बुंदेलखंड के सबसे पिछड़े जिले में सात वर्षों से दैवीय आपदा और सूखा से बर्बाद किसानों को राहत राशि वितरण के लिए शासन से जितनी धनराशि की मांग की गई थी, वह अभी तक पूरी नहीं मिल पाई है। किसानों को मदद के लिए सरकार ने छह माह पहले दम भरा था।

शासन ने राहत राशि का बड़ा हिस्सा जारी भी किया, जिसके वितरण में राजस्व कर्मियों की कमी के बावजूद काफी तेजी दिखी। सदर तहसील क्षेत्र के 74,556 बड़े और छोटे किसानों के लिए सूखा राहत के तहत 833.04 करोड़ की मांग की गई। जिसके सापेक्ष 661 करोड़ धनराशि मिली। 172 करोड़ रुपये मिलने का अभी भी इंतजार है।
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अतिवृष्टि में बर्बाद किसानों के लिए 90.45 करोड़ की मांग हुई। जिसके सापेक्ष 70.74 करोड़ मिले। जिसमें 61.27 करोड़ का वितरण हो गया। करीब 20 करोड़ की धनराशि अभी भी नहीं मिली है। चरखारी तहसील क्षेत्र को सूखा राहत के तहत 69.24 करोड़ की मांग की गई।

जो पूरी मिल गई और विभाग ने इसका वितरण भी कर दिया। अतिवृष्टि प्रभावितों के लिए 58.54 करोड़ में से 39.55 करोड़ की धनराशि मिली जिसमें 38 करोड़ का वितरण किया गया। करीब 18 करोड़ की धनराशि की अभी भी जरूरत है। इसी तरह कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र में सूखा राहत के तहत 22.80 करोड़ की मांग पर 14.64 करोड़ मिला, जिसे वितरित कर दिया गया।

करीब 9 करोड़ की धनराशि की अभी भी जरूरत है। अतिवृष्टि प्रभावितों के लिए 104.40 करोड़ की धनराशि मांगी गई। जिसमें 75.85 करोड़ रुपये मिले। 63 करोड़ का वितरण कर दिया है। करीब 25 करोड़ से अधिक की धनराशि की अभी भी जरूरत है। इस मामले में अपर जिलाधिकारी संतोष राय का कहना है कि मांग के सापेक्ष जो धनराशि मिली, उसका वितरण तेजी से कराया जा रहा है। शेष धनराशि के लिए शासन को लिखा गया है। पैसा जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
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