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सेलटैक्स के स्थापना दिवस पर व्यापारियों को बताए कारोबार के गुर

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महोबा। जीएसटी सरकार के आर्थिक विकास की रीढ़ है। जिसे पहले बिक्री कर फिर व्यापार कर और फिर वाणिज्य कर फिर एक जनवरी 2008 को वैट तथा एक जुलाई 2017 को जीएसटी का नाम बिक्री पर देय कर रखा गया। समय-समय पर व्यापारियों के हित में तमाम फैसले सरकार ने लिए तब कर प्रणाली सरलीकृत हो सकी।
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71 साल से चले आ रहे वाणिज्य कर विभाग का धूमधाम से स्थापना दिवस मनाते हुए डिप्टी कमिश्नर राम प्रकाश पांडे ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश के विकास में जीएसटी का बहुत बड़ा योगदान है।
सेंट्रलाइज सिस्टम एक जुलाई 2017 को लागू कर केंद्र ने लोगों को कई तरह के करों से राहत दी। असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद पांडेय ने कहा कि बिक्री कर देश स्वतंत्र होने के बाद 1948 में आज ही के दिन लागू हुआ था। तब से कई नियमों को बदला गया व्यापारी कैसे सरलीकृत तरीके से काम कर सके सरकार का इसमें फोकस रहा। व्यापारियों को पांच लाख के दुर्घटना बीमा को भी लागू कराया गया। जिसका लाभ सभी व्यापारियों को देय होता है।
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असिस्टेंट कमिश्नर प्रवर्तन अमित कुमार सिंह ने कहा कि जीएसटी लागू होने के डेढ़ साल बाद तमाम संशोधन व्यापारियों के हित में केंद्र सरकार ने किए। सब सिस्टम आनलाइन कर देने से आफिस आने जाने की दौड़-धूप बच गई। इस मौके पर व्यापारियों ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर मानसिंह, कालूराम, जगदीश कुमार, रूपेश, अंकित तिवारी, कपिल चौबे, प्रदीप गुप्ता, ब्रजेंद्र, श्रीकांत पुरवार, मुलायम सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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सेलटैक्स के स्थापना दिवस पर व्यापारियों को बताए कारोबार के गुर
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