महोबा। एक साल पहले मूर्ति विसर्जन के दौरान पुत्र की मौत के बाद न्याय के लिए छह दिन से अनशन पर बैठे वृद्ध की सोमवार की शाम हालत बिगड़ गई। अस्पताल में भर्ती अनशनकारी ने दवा व उपचार लेने से मना कर दिया। सूचना पर पहुंचे डीएम और एसपी ने मामले में सीबीसीआईडी जांच का भरोसा देते हुए जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
पिछले वर्ष दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान कांशीराम कालोनी निवासी भगवती प्रसाद सोनी के पुत्र की कीरत सागर में डूबने से मौत हो गई थी। मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर भगवती प्रसाद सोनी ने अपने आवास में 10 अक्तूबर से अनशन शुरू कर दिया था। सोमवार की शाम हालत बिगड़ने पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया और उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। जांच के बाद अनशनकारी ने दवा, इंजेक्शन आदि लेने से मना करते हुए अस्पताल में ही अनशन जारी रखने की चेतावनी दी। मंगलवार को जिलाधिकारी सहदेव और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर अनशनकारी को समझाया-बुझाया और मांगें पूरी करने का भरोसा देते हुए जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। अनशनकारी की मुख्य मांग थी कि मामले की सीबीसीआईडी द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस पर डीएम ने मामले की सीबीसीआईडी जांच कराए जाने के लिए आश्वस्त किया। डीएम ने बताया कि मामले में करीब तीन माह पहले संबंधित को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये की राशि दी जा चुकी है।
बाहर से दवाएं मंगाने की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश
महोबा। अनशनकारी का अनशन तुड़वाने के बाद जिलाधिकारी ने जितला अस्पताल के महिला व बच्चा वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान बाहर से दवा लिखे जाने की लोगों ने शिकायत की। इस पर डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुमन व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदयवीर सिंह को निर्देश दिए कि जो डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं, उनकी जांच कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने के लिए परिसर में एकल खिड़की का निर्माण किया जाए, ताकि लाभार्थियों को बेवजह इधर-उधर भटकना न पडे़। निरीक्षण में एसडीएम सदर राजेश यादव, क्षेत्राधिकारी सदर जितेंद्र दुबे सहित अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
डीएम-एसपी ने जूस पिलाकर वृद्ध का तुड़वाया अनशन
-सीबीसीआईडी जांच का आश्वासन मिलने पर वृद्ध ने तोड़ा अनशन