जिले में प्याज के बाद अब लहसुन की भी कीमतें भी बढ़ गई हैं। आम दिनों में 50 रुपये किलो बिकने वाला 200 रुपये बिक रहा है। लहसुन की कीमत तीन से चार गुना बढ़ने से लहसुन गरीबों की सब्जी से गायब हो गया है। बढ़ती लहसुन की कीमतों ने सब्जी का स्वाद बिगाड़ दिया है।
सूखे की मार अब लहसुन पर भी पड़ी है। समय से बारिश न होने और कुओं में पानी का जलस्तर घट जाने के कारण सिंचाई न हो पाने से लहसुन की उपज घट गई है। लहसुन की मांग अधिक होने और उपज कम होने से इसकी कीमतें तीन गुना बढ़ गई हैं। बाजार में ढेर लगाकर बिकने वाला लहसुन अब दुकानदार थोड़ा बहुत खरीद कर बेच रहे हैं।
महंगाई ने गरीब वर्ग के लोगों की कमर तोड़ दी है। पहले अरहर की दाल, फिर प्याज और अब लहसुन की कीमतें बढ़ने से लोग सब्जी में लहसुन नहीं डाल रहे है। सब्जी कारोबारी इब्राहीम राइन, बिल्ले राइन का कहना है कि लहसुन की उपज कम होने के कारण और बाहर से भी लहसुन की आवक कम होने से मांग बढ़ी है। जिसके चलते लहसुन की कीमते बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि लहसुन की बढ़ती कीमतों ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। उनका कहना है कि आज तक 200 रुपये किलो लहसुन नहीं बिका है।