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जिले के चारों ब्लाक डार्क जोन घोषित

Wed, 02 Dec 2015 11:05 PM IST
The four blocks of the district declared Dark Zone
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 जिले में तीन सालों से बारिश न होने से सूखे के हालत भयावह होते जा रहे हैं। 25 से 30 फिट जलस्तर नीचे खिसक गया है। जिला प्रशासन ने जिले के चारो ब्लाकों को डार्क जोन घोषित कर बोरिंग और कूप खुदाई पर रोक लगा दी है। जलस्तर बढ़ाने के लिए जिले के चारों विकास खंडों में 48 चेकडैम और 54 तालाब बनाए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
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मालूम हो कि जिले में 875 तालाब और 19 हजार कुएं हैं, लेकिन तीन सालों से सूखे के चलते तालाब मैदान बन गए हैं और कुओं का जलस्तर नीचे खिसक जाने से कुओं ने जवाब दे दिया है, जिससे जिले में पानी को लेकर हालात भयावह होते जा रहे हैं। तालाबों से होने वाली पानी की आपूर्ति बंद हो गई है, अब लोग हैंडपंपों और बांधों के पानी से काम चला रहे हैं। जमीन का पानी तेजी से नीचे खिसकने के कारण जिला प्रशासन ने जिले के कबरई, चरखारी, जैतपुर और पनवाड़ी ब्लाक को डार्क जोन घोषित कर दिया है। जिले के चारो ब्लाकों के डार्क जोन घोषित होने के बाद यहां पर बोरिंग और कुओं की खुदाई का काम भी बंद हो गया है, जिससे अब सरकारी और निजी बोरिंग भी नहीं कराई जा रही है। जिला प्रशासन ने जलस्तर को बढ़ाने के लिए जिले में 48 चेकडैम और 54 तालाबों का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। जिससे जलस्तर मेनटेन रह सके। विकासखंड कबरई में 308, पनवाड़ी में 178, जैतपुर में 191 और विकासखंड चरखारी में 198 तालाब हैं, जिसमें से 90 फीसदी तालाबों में धूल उड़ रही है।

तालाब सूखने से पशुओं के सामने पानी का संकट
सूखे के चलते तालाबों और पोखरों के सूख जाने से पशुओं के सामने पानी का संकट पैदा हो गया है, जिससे पशु पानी के लिए मारे मारे घूम रहे हैं। किसान भी कुओं और तालाबों में पानी न होने के कारण खेतों की जुताई बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। जिले में बने तालाब खेत और मैदान बन गए हैं, जिससे जलस्तर तेजी से नीचे खिसकता जा रहा है, इससे पशुओं के लिए पानी का संकट बढ़ता जा रहा है।
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चंदेल कालीन तालाबों ने दिया जवाब
सालों से जनपद वासियों की प्यास बुझा रहे चंदेल कालीन तालाबों और कुओं ने जवाब दे दिया है। 1182 में चंदेल शासक मदनवर्मन द्वारा बनाए गए मदन सागर तालाब पहली दफा पूरी तरह सूख गया है। इसी तरह बेलाताल, मुढ़ारी, कुलपहाड़ सहित कई गांव और कस्बे की प्यास बुझाने वाले बेलासागर तालाब में भी पानी कम रह गया है। पाताल तोड़ कुएं सदनऊ और मदनऊ में भी जवाब दे दिया है।
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