महोबा। घर के दरवाजे खेल रही छह वर्षीय बालिका को टॉफी खिलाने के बहाने एकांत स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम व अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना खन्ना के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि दो सितंबर 2020 की दोपहर उसकी छह वर्षीय बेटी घर के दरवाजे पर खेल रही थी। तभी गांव का बौरा कुशवाहा आया और टॉफी खिलाने का लालच देकर बालिका को एकांत स्थान पर ले गया। जहां उसके साथ अमानवीय कृत्य किया। बालिका के चीखने और रोने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकला। जब मां उलाहना देने आरोपी के घर गई तो उनके भाइयों ने गाली-गलौज करते हुए भगा दिया। थाने और पुलिस उच्चाधिकारियों को शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। छह फरवरी 2021 को आरोपियों ने इसी खुन्नस में महिला के साथ मारपीट की। तब पीड़िता ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर दो जुलाई 2021 को रिपोर्ट दर्ज की गई। न्यायालय ने 29 अप्रैल 2022 को आरोपी बौरा के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओंं में आरोप तय किए। बुधवार को न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।