महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर आसमान से आग बरस रही है। बदन झुलसा देने वाली तेज धूप से लोग बेहाल हैं। भीषण गर्मी और उमस के चलते कूलर, पंखे भी लोगों का साथ नहीं दे पा रहे है। गर्मी से बचने के लिए लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। रविवार को अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मई माह के दूसरे पखवारे में गर्मी चरम पर है। सुबह से ही आसमान से तेज धूप निकल रही है। जिससे लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जरूरी काम से आने-जाने वाले लोग धूप और लू से बचाव कर हाथों में दस्ताने व मुंह में तौलिया व गमछा बांधकर निकल रहे हैं। भीषण गर्मी व उमस के चलते कूलर और पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं। दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
भीषण गर्मी और उमस का सबसे ज्यादा असर गरीब वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है। तेज धूप के चलते वह मेहनत मजदूरी के काम पर नहीं निकल पा रहे हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री से अधिक रहा। दोपहर के समय बदन झुलसा देने वाली सूर्य की किरणों ने सभी को परेशान कर दिया। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। यही वजह है कि चौराहों पर लगने वाली पेय पदार्थों की दुकानों में लोगों की खासी भीड़ नजर आ रही है।