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जीएसटी रिटर्न फाइल न करने पर लगेगा भारी जुर्माना

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महोबा। डिप्टी कमिश्नर राम प्रकाश पांडेय ने कहा कि जीएसटी कानून जुलाई 2017 से लागू होने के बाद जो भी पंजीकृत व्यापारी समय से रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं। उन पर भारी जुर्माना पेनाल्टी प्रतिमाह जीएसटी पोर्टल स्वत: लगा देता है जब तक पेनाल्टी जमा नहीं होगी। अगला रिटर्न दाखिल नहीं हो सकता। अभी जांच में 3 बी रिटर्न दाखिल न होने पर कई फर्मों से लाखों रुपये जीएसटी जमा कराया गया है। जिससे लापरवाह फर्मों के होश उड़ गए हैं।
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बुधवार को चरखारी बाईपास स्थित जीएसटी कार्यालय में डिप्टी कमिश्नर व्यापारियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी में पंजीकरण के बाद रिटर्न दाखिल न होने पर कड़ा कानून बनाया गया है। व्यापारियों द्वारा खरीद-फरोख्त का लेखा-जोखा 3 बी रिटर्न दाखिल न करने पर कड़ी कार्रवाईयां की जा रही है। जांच के दौरान जिन फर्मों द्वारा रिटर्न दाखिल नहीं किए गए। उनसेे लाखों रुपये जीएसटी वसूला जा रहा है। यशोदा देवी से 5.91 लाख, मां सरस्वती ग्रेनाइट 8.73 लाख, सिमरन ट्रेडर्स से 3.84 लाख, संजय साहू से 2.35 लाख रुपया जमा कराया गया है।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जीएसटी में ऑटो सॉफ्टवेयर रिटर्न फाइल न होने पर जुर्माना पेनाल्टी बढ़ते हुए क्रम में जनरेट कर देता है। जब तक पिछला जुर्माना पेनाल्टी जमा नहीं होगी। अगला रिटर्न दाखिल नहीं हो सकता। प्रत्येक व्यापारी को जीएसटी कार्रवाई से बचने के लिए समय से रिटर्न देना चाहिए। असिस्टेंट कमिश्नर अरविंद पांडेय ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पिछले दो वर्षों में दर्जनों बार व्यापारियों के हित में रिटर्न की प्रक्रिया सरलीकृत की गई है। प्रवर्तन दल के अमित कुमार सिंह ने कहा कि प्रवर्तन कार्यों से पिछले वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर पिछले वर्ष जमा 1.22 करोड़ के सापेक्ष इस वर्ष 1.98 करोड़ राजस्व जमा कराया गया। बैठक में जगदीश कुमार, कालूराम, अंकित तिवारी, कपिल चौबे, नीरज वर्मा, रामसिंह सहित तमाम व्यापारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।
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