महोबा। मौसम में बदलाव होने से संक्रामक बीमारियों के मरीजों में तेजी से इजाफा हो रहा है। रविवार को अवकाश का दिन होने के बाद भी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ जुटी रही। डायरिया से पीड़ित एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि आधा दर्जन मरीजों की हालत गंभीर होने पर भर्ती कर उनका उपचार किया गया। मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल के बेड फुल चल रहे है।
चार दिन से आसमान में बादलों के छाने और बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया था लेकिन रविवार की सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप निकली, जिससे गर्मी व उमस के चलते लोग बेहाल रहे। रविवार को अवकाश का दिन होने के बाद भी इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की भीड़ जुटी रही। उल्टी, दस्त व तेज बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या सर्वाधिक रही। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पठा निवासी नृपत 45 पुत्र मनका पाल की रविवार की सुबह हालत बिगड़ गई। उल्टी दस्त होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांधीनगर निवासी सुनीता 32, पसवारा निवासी देवेंद्र 15, सुभाषनगर निवासी रिंकू (5) व श्रेया 4 समेत आधा दर्जन मरीजों को डायरिया की शिकायत होने पर जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती किया गया। जहां उनका उपचार किया जा रहा है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि मौसम में बदलाव से बच्चे बीमारी की चपेट में आ जाते है। धूप व गर्मी से बचाव कर उनके खानपान में बेहद सावधानी बरती जाए।
डायरिया की चपेट में आने से युवक की मौत, आधा दर्जन भर्ती
- मौसम में बदलाव से बढ़े संक्रामक बीमारियों के मरीज
- गंभीर हालत में मरीजों का वार्डों में भर्ती कर किया जा रहा उपचार