महोबा। शासन के निर्देशों के बाद भी जिले के शिक्षण संस्थान छात्रों की अपार आईडी बनाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अल्पसंख्यक विभाग की ओर से संचालित जिले के 22 मदरसों में 17 ऐसे हैं, जिन्होंने एक भी बच्चे की अपार आईडी नहीं बनाई। शेष पांच मदरसा संचालकों ने 20 फीसदी बच्चों की ही आईडी तैयार की। बीएसए राहुल मिश्रा ने इसको लेकर जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को पत्र भेजा है। ताकि, मदरसों में अध्ययनरत छात्रों की अपार आईडी बनाने के काम में तेजी आ सके।
बीएसए ने पत्र में बताया कि छात्रों की अपार आईडी बनाने के कार्य की समीक्षा शासन स्तर से प्रति दिन की जा रही है। उन्होंने कार्य की प्राथमिकता को देखते हुए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अपने स्तर से मदरसा संचालकों व प्रबंधकों को निर्देश देने की बात कही। ताकि, मदरसों में अध्ययनरत छात्रों की अपार आईडी बनाने के काम में तेजी आ सके। बीएसए का कहना है कि अपार आईडी बनाने का काम तेजी से कराया जाएगा। ताकि, शत-प्रतिशत छात्रों की अपार आईडी निर्गत हो सके। उधर, मदरसा संचालकों का कहना है कि तकनीकी दिक्कत आने से छात्रों की अपार आईडी नहीं बन पा रही है। उधर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हर्षवर्धन नायक का कहना है कि मदरसा संचालकों को प्रत्येक छात्र की अपार आईडी बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के निर्देश पर छात्रों की अपार आईडी बनवाई जा रही है।
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अपार आईडी बनाने में महोबा का प्रदेश में तीसरा स्थान
महोबा। जिले में संचालित शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्रों की अपार आईडी बनाने के काम में महोबा जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। जिले में बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर संचालित राजकीय व निजी शिक्षण संस्थाओं की संख्या 1,301 है। शिक्षण सत्र 2024-25 में पंजीकृत छात्रों की संख्या 1,69,209 है। इनमें से 1,17,955 छात्रों की अपार आईडी बनाई गई जबकि 53,254 छात्रों की अपार आईडी नहीं बनी। ऐसे में सरकारी व निजी शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत 31.45 फीसदी छात्र ऐसे हैं, जिनकी अपार आईडी नहीं बनी। यदि, मदरसा संचालक अपार आईडी बनाने में रुचि लेते तो महोबा का प्रदेश में पहला स्थान होता।