महोबा। दूसरों की प्यास बुझाने वाले जिले के तालाब इस साल बारिश के मौसम में खुद प्यासे हैं। इन दिनों पानी से लबालब रहने वाले तालाबों में धूल उड़ रही है। तालाबों और कुओें के सूख जाने से जलस्तर 30 फिट नीचे खिसक गया है, जिससे ज्यादातर हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है। पानी की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है।
जिले में बारिश के मौसम में खाली पड़े तालाब सूखे की गवाही दे रहे हैं। बरसात के मौसम में तालाबों में धूल उड़ रही है। पशु पक्षी पानी के लिए भटक रहे हैं। इस साल बारिश का एक माह गुजर जाने के बाद भी तालाबों में आधा सेमी भी पानी नहीं आया है। पानी को लेकर हालात भयावह होते जा रहे है। बारिश न होने से लोग पानी को लेकर खासे चिंतित है। बेलासागर, उरवारा तालाब, राजामोहन सिंह तालाब श्रीनगर, भंडरा तालाब, दाऊ तालाब, सिजहरी तालाब, रहलिया तालाब, कल्याण सागर सहित तमाम तालाब बारिश के मौसम में खाली पड़ेे हैं, जिससे पेयजल समस्या गंभीर होती जा रही है।
गौरतलब है कि बेलासागर और मदन सागर समेत कई सरोवरों से पानी की आपूर्ति की जाती थी। बेलासागर से 23 गांव में होने वाली पेयजल आपूर्ति इसके सूख जाने से ठप हो गई है। अब गांव में पानी की आपूर्ति टैंकरों से की जा रही है। इसी तरह महोबा शहर में मदन सागर और उर्मिल बांध से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन पानी कम होने से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे है। हालांकि जिला प्रशासन ने शहर में भी टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू करा दी है।
दूसरों की प्यास बुझाने वाले तालाब खुद प्यासे
-तालाबों कुओं के सूखने से जलस्तर 30 फिट नीचे खिसका