फोटो 27 एमएएचपी 06 परिचय-लगातार हो रही बारिश से सूपा में गिरा राममिलन का कच्चा मकान। संवाद
महोबा/चरखारी/खरेला। एक सप्ताह से हो रही बारिश अब गरीबों के लिए आफत बन गई है। बारिश के चलते कच्चे मकानों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को कस्बा चरखारी और खरेला क्षेत्र में 16 से अधिक कच्चे मकान बारिश में ढह गए। इससे हजारों की गृहस्थी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई। गनीमत रही कि कहीं कोई जनहानि नहीं हुई। मकान के अंदर बंधी एक गाय की मलबे में दबकर मौत हो गई।
तहसील चरखारी के सूपा गांव में बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखा। यहां सुरेश का कच्चा मकान बारिश में अचानक भरभराकर गिर गया। इससे गृहस्थी बर्बाद हो गई और कमरे में बंधी एक गाय की मौत हो गई। इसी तरह बारिश से प्यारेलाल कुशवाहा, भज्जू कुशवाहा, करन राजपूत, देवीदीन यादव, भवानीदीन, बिंदुआ कुम्हार, राममिलन समेत 12 से अधिक कच्चे मकान गिर गए। इससे ग्रामीण परेशान रहे। पूर्व प्रधान कौशल किशोर ने बताया कि मकान गिरने से पीड़ितों को भारी नुकसान हुआ है। कई ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। राजस्व विभाग व प्रशासन से सर्वे कराकर राहत पहुंचाने की मांग की गई।
खरेला संवाद के अनुसार थाना क्षेत्र के पुन्नियां गांव में लगातार हो रही बारिश से राजकुमार का रिहायशी मकान गिर गया। इसी गांव के योगेंद्र सिंह, अरुण गुप्ता और रामबाबू के कच्चे मकान गिरने से गृहस्थी, खाद्यान्न व कृषि उपकरण मलबे में दबकर बर्बाद हो गए।
फोटो 27 एमएएचपी 06 परिचय-लगातार हो रही बारिश से सूपा में गिरा राममिलन का कच्चा मकान। संवाद