महोबा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एवं न्यायाधीश सूबेदार यादव व सदस्य रामबाबू की जिला पीठ ने बुधवार को चार मामलों में फैसला सुनाते हुए पीड़ित उपभोक्ताओं को 6 लाख 21 हजार रुपये देने का आदेश दिया। दो मामलों में लापरवाही उजागर न होने पर उन्हें खारिज कर दिया गया।
ग्राम रैवारा निवासी शांति द्वारा ओरियंटल बीमा कंपनी व जिलाधिकारी महोबा के विरुद्ध उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया था। जिसमें उसने अविवाहित कृृषक पुत्र की दुर्घटना में मृृत्यु होने पर बीमा धनराशि दिलाए का दावा दायर किया। जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना का लाभार्थी पाते हुए बीमा कंपनी को उसके बीमा दावे का निस्तारण करके भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कहा लेकिन बीमा कंपनी द्वारा बीमा दावे को अस्वीकार कर दिया गया। जिला पीठ ने बीमा कंपनी द्वारा बीमा दावे को अवैध एवं गलत आधार पर निरस्त किया जाना माना। फोरम ने बीमा कंपनी को 5 लाख रुपये बीमा धनराशि 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया।
इसी जिलापीठ ने गीता देवी निवासी ग्राम सुंगिरा द्वारा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ दायर मामले में बीमा कंपनी की सेवा में घोर लापरवाही पाए जाने पर किसान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत बीमा धनराशि एक लाख रुपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। एक अन्य मामले में गोमती देवी निवासी रमपुरा कदीम द्वारा भारतीय स्टेट बैंक शाखा कुलपहाड़ के विरुद्ध दायर मामले में बैंक की ग्राहक के प्रति सेवा में त्रुटि साबित पाये जाने पर बैंक को चेक की धनराशि दो हजार रुपये के अलावा मानसिक संताप व वाद व्यय के रूप में 4 हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए। स्टीफन मार्क्स निवासी मिशन कंपाउंड द्वारा प्रबंधक बुंदेलखंड ऑटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड व एआरटीओ के खिलाफ दायर मामले में विपक्षी द्वारा वादी को बेचे गए बोलेरो वाहन के मामले में पंजीयन प्रमाण पत्र संशोधित करने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक परेशान करने व वाद व्यय के पांच हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया।