महोबा। जन शिकायतों के निस्तारण के लिए मंगलवार को सदर तहसील में जिलास्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें फरियादियों का टोटा रहा। समाधान दिवस में महज 28 फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। जिनमें से एक शिकायत का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका।
जिलाधिकारी सहदेव की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सुबह से ही बेहद कम संख्या में फरियादी पहुंचे। शहर के आलमपुरा निवासी कुचबधिया बिरादरी के लोगों ने पेयजल समस्या की शिकायत दर्ज कराई। सबसे ज्यादा शिकायतें पेयजल व प्रधानमंत्री आवास से संबंधित रही। कुल 28 शिकायतों में महज एक का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका। डीएम ने शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए एक सप्ताह के अंदर निस्तारण के निर्देश दिए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक स्वामीनाथ के अलावा जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि शासन से आए राहत आयुक्त व जिले के नोडल अधिकारी का मंगलवार को जनपद भ्रमण कार्यक्रम होने के चलते दोपहर दो बजे तक समाधान दिवस में बैठने के बजाय एक बजे ही अधिकारी चले गए। जिससे तहसील में सन्नाटा पसरा रहा।
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डीएम के गनर से साधु वेशधारी ने की अभद्रता
महोबा। सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक साधु वेशधारी बिना कोई शिकायत लिए कक्ष में घुस गया और हंगामा शुरू कर दिया। जब डीएम के गनर ने साधु को बाहर निकलने के लिए कहा तो वह उलझ गया। इस दौरान साधु से अभद्रता करते हुए धक्कामुक्की कर दी। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस वेशधारी साधु को कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी विपिन कुमार त्रिवेदी का कहना है कि चांदों चंदपुरा निवासी साधु मानसिक रूप से विक्षिप्त है। जो अपना नाम वीरेंद्र बता रहा था। गांव में पता लगाने पर लोगों ने उसे विक्षिप्त बताया। जिसे कोतवाली से छोड़ दिया गया है।