महोबा। प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में भूमि अधिग्रहण के मामले में वैसे तो महोबा का स्थान पहले नंबर पर है लेकिन भूमि स्वामी सहखातेदार किसानों के अन्य प्रांतों में नौकरी, व्यापार या मेहनत मजदूरी करने के कारण बैनामों में परेशानी हो रही है। नोडल अधिकारी ने राजस्व टीमों को क्षेत्रवार किसानों को खोजकर बुलाने की जिम्मेदारी सौंपी है ताकि लक्ष्य के अनुरूप फरवरी माह में शत प्रतिशत भूमि का एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहण किया जा सके।
बुंदेलखंड में विकास को गति देने के उद्देश्य से स्वीकृत किए गए सिक्स लेन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के आवश्यक भूमि अधिग्रहण में सह खातेदारों का बाहर होना बेनामों में भारी पड़ रहा है। जिले में एक्सप्रेस-वे के क्रियांवयन को गति देने वाली एडीएम व नोडल अधिकारी पूनम निगम ने बताया की प्रतिदिन 10 से 15 किसानों की भूमि अधिग्रहीत कर बैनामे कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी सहदेव द्वारा प्रतिदिन एक एक भूमि खाते की मॉनिटरिंग की जाती है ताकि लक्ष्य फरवरी में ही पूरा हो सके। अभी तक 45 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की जानी है उसमें कई खातों के सहखातेदार किसान महोबा छोड़कर अन्य प्रांतों में या तो नौकरी करने लगे या व्यापार कर रहे हैं, जिससे एक ही खाते के सहखातेदारों की गैरहाजिर में बैनामा कराने में दिक्कत आ रही है। उपजिलाधिकारी सदर राजेश यादव ने बताया कि ग्योडी में कई सह खातेदार प्रशासनिक अफसर या अन्य नौकरी में बाहर हैं। जिन्हें बुलाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और लेखपालों को दी गई है। जल्द ही खातेदार बुलाने की कवायद की जा रही है।
एक-एक किसान की भूमि पर है राजस्व का फोकस-डीएम
जिलाधिकारी सहदेव ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के अधीन जिन गांवों की जमीन आ रही है और सहखातेदार बाहर है उन्हें बुलाकर एक साथ एक ही बार बैनामा कराया जाएगा ताकि हर रजिस्ट्री में अलग अलग व्यय न हो। अलग अलग रजिस्ट्री से व्यय भार बढ़ेगा, जिसकी स्वीकृति शासन से लेना पड़ती है। इसी कारण सभी सह खातेदारों को राजस्व टीमों के माध्यम से समयबद्ध योजना बनाकर बुलाया जा रहा है। हर हाल में लक्ष्य फरवरी में पूरा किया जाएगा।
अब रविवार और अन्य अवकाश पर भी खुलेंगे रजिस्ट्री आफिस
डीएम सहदेव ने बताया कि अब यूपीडा के निर्देशों के क्रम में बाहरी सहखातेदारों से जमीन एक्सप्रेस-वे के पक्ष में बैनामा कराने के रजिस्ट्री कार्यालय रविवार व अन्य अवकाश के दिन भी खुलेंगे। कार्यालय में देर रात 10 बजे तक काम होगा ताकि बाहर से आने वाले नौकरी पेशा सह खातेदार तत्काल बैनामा करवाकर वापस अपने कार्य स्थल जा सके। साथ ही अधिक से अधिक बेनामों की संख्या बढ़ सके।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के भू-अधिग्रहण में सहखातेदार बने बाधक
- सह खातेदारों के बाहर होने से बैनामे में बढ़ी परेशानी
- अन्य राज्यों में रह रहे एक सैकड़ा से अधिक किसान