महोबा। पान कृषि को राष्ट्रीय बागवानी मिशन में शामिल करने को लेकर राष्ट्रीय पान किसान यूनियन के बुंदेलखंड प्रभारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सहदेव को सौंपा। जिसमें बताया कि राष्ट्र कृषि प्रधान होने के साथ पान कृषि भी देश की प्रमुख बागवानी फसल है। कहा कि पान कृषकों को सरकार द्वारा संचालित योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
राष्ट्रीय पान किसान यूनियन के बुंदेलखंड प्रभारी डॉ. रामसेवक चौरसिया, जिलाध्यक्ष लालता प्रसाद चौरसिया, महासचिव दिनेश चंद्र चौरसिया, आशीष चौरसिया आदि ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि पान की खेती तमाम किसानों की रोजी रोटी का माध्यम है। बताया कि पान कृषि अत्यंत जोखिम भरी है लेकिन सरकारी सुविधाओं के अभाव में लाभप्रद नहीं हो पा रही है। पान कृषि में फसल बीमा योजना भी लागू नहीं है। जिससे देश के समस्त पान कृषक इससे मिलने वाले लाभ से वंचित है। वहीं पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग के लिए राष्ट्रीय पान किसान यूनियन व सविता महासभा भी समर्थन में उतर आया है। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि बुंदेलखंड बनने से ही बुंदेलों को रोजगार मिलेगा और वह विकास के पथ पर अग्रसर हो सकेंगे। साथ ही उन्होंने आल्हा चौक पहुंच अनशन स्थल पर पूर्ण समर्थन दिया। सविता महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश, विक्की, गोपाल आदि ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने की मांग की है।
पान कृषि में फसल बीमा योजना लागूू कराने की मांग
-अलग राज्य के लिए पान किसान यूनियन व सविता महासभा ने सौंपा ज्ञापन