महोबा। लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। चुनावी रण सजकर तैयार है लेकिन अभी तक किसी भी दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। चौथे चरण में 29 अप्रैल को होने वाले मतदान को लेकर रणबांकुुरों का इंतजार है। गली कूचों से लेकर चाय पान की दुुकानों में चुनावी चर्चा तेज हो गई है। कौन सा दल किस प्रत्याशी को उतार सकता है, इसका भी गुणा भाग लगाया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तिथियां तय कर दी है। लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है। सपा-बसपा के गठबंधन से मुकाबला और भी रोचक हो गया है। यही वजह है कि हर जगह लोगों की जुबां में चुनाव की चर्चा की जा रही है। चाय पान की दुकानों में सुबह शाम लगने वाली लोगों की भीड़ भी आपस में चुनाव की बात कर अपना-अपना गणित बता रहे हैं। प्रमुख दलों के अलावा क्षेत्रीय दलों ने भी अभी तक अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। भाजपा और कांग्रेस में टिकट को लेकर मारामारी मची है। 12 से 15 प्रत्याशी टिकट की होड़ में लगे हैं हालांकि टिकट किसके हाथ लगेगा यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन लोग किस पार्टी में कौन सा प्रत्याशी बेहतर रहेगा। इसका आंकलन कर रहे हैं। संभावित दावेदार गुपचुप तरीके से मतदाताओं को रिझाने में जुटे हैं।
चुनावी रण तैयार, रणबांकुरों का इंतजार