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दहेज हत्या में पिता-पुत्र को 10-10 साल की सजा

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महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने पिता-पुत्र को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड ठोंका है।
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कस्बा कुलपहाड़ निवासी उमेश उर्फ ओमप्रकाश पुत्र गणेश प्रसाद ने अपनी पुत्री पूजा की शादी 9 जनवरी 2014 को शैलेंद्र कुमार पुत्र ऋषि कुमार उर्फ छिद्दू मिश्रा निवासी ग्राम बुधौरा के साथ की थी। शादी के बाद से पति व ससुर दहेज में एक बाइक व पचास हजार रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर महिला को प्रताड़ित करते हुए मारपीट की गई। यह बात महिला ने अपने माता-पिता को बताई लेकिन उन्होंने दहेज देने में असमर्थता जताई थी। इस दौरान पूजा की दस दिन की पुत्री की मौत हो गई। चार अगस्त 2016 को महिला की आग से जलकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के दूसरे दिन मृतका के पिता उमेश ने कोतवाली कुलपहाड़ में दहेज की मांग पूरी न होने पर पुत्री को जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए पति शैलेंद्र व ससुर ऋषि कुमार के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायाधीश संतोष कुमार ने दोषी शैलेंद्र कुमार व ऋषि उर्फ छिद्दू को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड ठोंका। मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुरेंद्र प्रताप सिंह राजपूत ने की।
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दहेज हत्या में पिता-पुत्र को 10-10 साल की सजा
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