फोटो 22 एमएएचपी 07 परिचय-इस महोबा-झांसी रेलवे ट्रैक पर हुआ दोहरीकरण का काम। संवाद
महोबा। उत्तर-मध्य रेलवे की 4,300 करोड़ की महत्वाकांक्षी झांसी-मानिकपुर व खैरार-भीमसेन रेलखंड दोहरीकरण परियोजना का 114.94 किमी लंबी लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। अफसरों का दावा है कि 291 किलोमीटर रेललाइन दोहरीकरण का काम वित्तीय वर्ष में पूरा हो जाएगा। इसके बाद ट्रेनों को क्राॅसिंग के दौरान स्टेशन और आउटर में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
रेलवे झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि झांसी-मानिकपुर रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना का काम तेजी के साथ कराया जा रहा है। झांसी-मानिकपुर रेलखंड दोहरीकरण कार्य को लेकर अलग-अलग सेक्शन में कार्य कराया जा रहा है। पहले चरण में टेहरका-मऊरानीपुर (22 किमी) रेल सेक्शन में दोहरीकरण का काम पूरा कराया गया। इसके बाद कुलपहाड़-महोबा (22 किमी), बेलाताल-कुलपहाड़ (11 किमी), टेहरका-बरुआसागर (22 किमी) ट्रैक का दोहरीकरण कराया गया। इसके अलावा खैरार-भीमसेन रेलखंड में जमुना साउथ बैंक-रागौल (27 किमी) व रागौल-अकौना (12.50 किमी) रेल सेक्शन में काम पूरा कर लिया गया।
दोहरीकृत किए गए रेलवे रूट पर सीआरएस का निरीक्षण होने के बाद मिली स्वीकृति पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया गया। ऐसे में महोबा से झांसी तक बीच-बीच में 77 किमी तक रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण हो चुका है। इससे ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से हो रहा है। आगामी समय में शेष ट्रैक का दोहरीकरण काम पूरा होने से क्राॅसिंग के समय ट्रेनों के खड़े रहने की समस्या दूर होगी। साथ ही ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी। इससे महोबा रेलवे स्टेशन से झांसी का सफर और आसान होगा।