शहर में स्थापित देवी पंडालाें में पुलिस द्वारा पंडालों में चढ़कर साउंड फेंके जाने से हिंदू संगठन भड़क उठे। पुलिस पर गुंडई का आरोप लगाते हुए कोतवाल को निलंबित किए जाने की मांग करने लगे।
साथ ही कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के बाहर जाम लगा दिया। सीओ सदर ने कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर जाम खुलवाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शहर में करीब पचास जगहों पर गुरुवार की देर शाम देवी प्रतिमाओं की स्थापना कराई गई। नवदुर्गा समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि रात करीब दो बजे कोतवाली के दो एसआई व आधा दर्जन सिपाही परमानंद चौराहा, कचेहरी के सामने व हमीरपुर चुंगी के समीप स्थापित देवी पंडालों में जूते पहनकर घुस गए।
वहां वह साउंड निकालकर फेंकने लगे। विरोध करने पर साउंड प्रतिबंधित बताते हुए धमकाया। घटना की सूचना मिलते ही बजरंग दल के जिला संयोजक सत्येंद्र प्रताप, मयंक तिवारी, दिलीप शिवहरे, मनोज रावत समेत एक दर्जन कार्यकर्ता रात में ही कोतवाली पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की,
लेकिन शहर कोतवाली द्वारा उल्टा मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कहने पर हिंदू संगठन भड़क गए। शुक्रवार की सुबह हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और बाहर जाम लगा दिया।
इस दौरान पुलिस पर गुंडई का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। सीओ सदर जितेंद्र दुबे ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
शहर कोतवाल उमेश कुमार का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर डीजे साउंड लगाने से रोका जा रहा है। अन्य आरोप बेबुनियाद है।
पुलिस की तानाशाही से भड़के हिंदू संगठनों ने लगाया जाम
देवी पंडालों में जूते पहनकर चढ़ने और साउंड फेंकने का आरोप
सीओ के आश्वासन पर माने कार्यकर्ता, खुला जाम