महराजगंज। युवा रक्तदान कर दूसरों की जिंदगी बचाते हैं। कहीं से भी सूचना मिलने पर ये संबंधित स्थान पर पहुंचकर रक्तदान करते हैं। समाज के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे ने युवाओं को इस काम के लिए प्रेरित किया। कोई बेसहारा मरीज के लिए पहली बार रक्तदान किया तो कोई मां के लिए रक्तदान कर, इस कड़ी को आगे बढ़ाया। सभी युवाओं की अपनी अलग-अलग कहानी है।
शहर के आजाद नगर निवासी 36 वर्षीय शिक्षक सुधीर त्रिपाठी अब तक 12 बार रक्तदान कर चुके हैं, इन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में रक्तकोष में रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान एक लावारिस मरीज जिला हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। चिकित्सक द्वारा बताया गया कि रक्त चढ़ाना आवश्यक है। उस मरीज के लिए पहली बार रक्तदान किया और ऐसे जरूरतमंद मरीजों के आवश्यकता को देखते हुए जिले के नियमित रक्तदाताओं को जोड़ कर एक ब्लड डोनर ग्रुप बनाया जिसके माध्यम से प्रतिवर्ष सैकड़ों मरीज लाभान्वित होते हैं।
विस्मिल नगर व्यवसायी 36 वर्षीय रजत सिंघानिया अब तक 31 बार रक्तदान कर चुके हैं। अमर उजाला फांउडेशन की ओर से आयोजित रक्तदान कार्यक्रम का खबर पढ़कर वर्ष 2014 में पहली बार रक्तदान किया था। उसके बाद अच्छा महसूस हुआ। उन्होंने बताया कि अब तो हर 3 माह पर नियमित रक्तदान करते हूं। सोशल मीडिया पर संदेश पढ़कर किसी जरूरतमंद मरीज की मदद करने के लिए दूसरे जिले में भी पहुंचकर रक्तदान करता हूं।
परसौनी टीकर निवासी 35 वर्षीय मुकेश गुप्ता अब तक 29 बार रक्तदान कर चुके हैं। इन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में इनकी मां की तबीयत खराब थी। एसजीपीजीआई लखनऊ में भर्ती थीं। चिकित्सक ने रक्त चढ़ाना जरूरी बताया उस समय पहली बार अपनी मां के लिए रक्तदान किया। मां स्वास्थ्य हो गई तभी से निर्णय लिया कि जरूरतमंद मरीज को आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करूंगा। उन्होंने बताया कि शादी की सालगिरह, जन्मदिन, विश्व रक्तदाता दिवस, राष्ट्रीय रक्तदान दिवस पर रक्तदान करता हूं।
टीकर परसौनी की रहने वाली 32 वर्षीय सीमा गुप्ता अब तक 13 बार रक्तदान कर चुकी हैं। इन्होंने बताया कि पति को रक्तदान करते देख मैं प्रेरित हुईं और शादी की सालगिरह पर पति के साथ पहली बार रक्तदान की तभी से नियमित रक्तदान करती हूं। रक्तदान के बाद बहुत अच्छा महसूस होता है। रक्तदान के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए।
ब्लड बैंक की ओर से लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाता है। समय समय पर शिविर लगाकर रक्तदान किया जाता है। समाज के हर वर्ग के लोगों को इस पुनीत कार्य में सहयोग करना चाहिए।
डॉ. एपी भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक