सेवायोजन कार्यालय से टूट रही हैं युवाओं की उम्मीदें
रोजगार नहीं मिल पाने के कारण पंजीकरण कराने से भी कतराने लगे हैं बेरोजगार युवा
आईटीआई पास युवक ने खोली चाय की दुकान तो बीटेक पास ने खोला जनसेवा केंद्र
60,039
बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया था साल 2012 में
2,180
युवाओं ने पंजीकरण कराया था साल 2021 में
संजय कुमार पांडेय
महराजगंज। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संचालित किया जा रहा जिला सेवायोजन कार्यालय अपनी सार्थकता खोता नजर आ रहा है। उम्मीदें टूटने की वजह से बेरोजगार युवा इस कार्यालय में नाम पंजीकृत कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में आईटीआई और बीटेक की पढ़ाई करने वाले युवा चाय और जनसेवा केंद्र की दुकान खोलकर जीविकोपार्जन करने लगे हैं।
जिला सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2012 में 60,039 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन रोजगार केवल 343 युवाओं को मिला। करीब 10 साल बाद स्थिति यह है कि मुश्किल से दो हजार युवा पंजीकरण करा रहे हैं और तमाम प्रयासों के बावजूद एक तिहाई को ही रोजगार मिल पा रहा है। मसलन, वर्ष 2022 में अब तक जिला सेवायोजन कार्यालय में 2160 युवाओं ने पंजीकरण कराया है। कार्यालय ने आठ रोजगार मेला आयोजित करके केवल 705 युवाओं को रोजगार दिलवाया है।
हालांकि, कोरोना काल में जिला सेवायोजन कार्यालय के माध्यम से युवाओं को रोजगार मिलने का आंकड़ा थोड़ा सुधरता दिखाई देता है, लेकिन पहले की अपेक्षा इस अवधि में भी युवाओं ने पंजीकरण कराने में कम ही रुचि ली। फिर भी जितनों ने पंजीकरण कराया सभी को रोजगार नहीं मिल पाया। वर्ष 2020 में 2,642 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया। 13 रोजगार मेलों के माध्यम से 1,734 युवाओं को रोजगार मिल पाया। वहीं, साल 2021 में 2,180 युवाओं ने पंजीकरण कराया। 15 रोजगार मेलों के माध्यम से 1,655 युवाओं को रोजगार मिल पाया।
इससे पहले वर्ष 2015 में 11,854 युवाओं ने पंजीकरण कराया था, लेकिन इसमें से केवल 343 युवाओं को रोजगार मिला था। रोजगार नहीं मिलने से निराश युवाओं ने आगे के वर्षों में कम पंजीकरण कराया। वर्ष 2018 में 3,969 युवाओं ने पंजीकरण कराया। चार रोजगार मेलों के माध्यम से 192 को ही रोजगार मिल पाया। चुनावी साल 2019 में 22,196 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराया। शायद युवाओं को उम्मीद थी कि इस साल रोजगार मिलेगा, लेकिन सात रोजगार मेलों के माध्यम से केवल 509 युवाओं को ही रोजगार मिल पाया। संवाद
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आईटीआई पास चंद्रगुप्त ने खोली चाय की दुकान
बनकटिया गांव के रहने वाले आईटीआई पास चंद्रगुप्त प्रजापति ने परतावल कस्बे में अस्पताल रोड पर चाय की दुकान खोली है। चंद्रगुप्त ने वर्ष 2019 में सिमिरता देवी आईटीआई कॉलेज सरहरी से परीक्षा पास की है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में आईटीआई करने के बाद इधर-उधर भटका, लेकिन रोजगार नहीं मिला। पास में ज्यादा पूंजी नहीं थी। ऐसे में किसी तरह उधार लेकर चाय की दुकान संचालित करने के लिए जरूरी सामान खरीदा। अब इसी दुकान से गुजर बसर कर रहा हूं।
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बीटेक पास संदीप ने खोला है जनसेवा केंद्र
निचलौल नगर पंचायत के घोड़हवा वार्ड के रहने वाले संदीप कुमार गौंड ने वर्ष 2014 में महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक कॉलेज गोरखपुर से पॉलिटेक्निक और वर्ष 2017 में आईटीएम चेहरी महराजगंज से बीटेक की डिग्री हासिल की है। संदीप ने बताया कि कहीं रोजगार नहीं मिलने पर घोड़हवा मोहल्ले में सहज जनसेवा केंद्र खोलकर जीविकोपार्जन कर रहा हूं। वर्ष 2020 में रोजगार के लिए कई जगहों पर आवेदन किया, लेकिन कहीं काम नहीं मिला। कहीं यदि काम भी मिलता है तो वेतन इतना कम होता है कि उससे गुजारा होना मुश्किल हो जाता है।
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प्रोफेशनल डिग्री वाले कम कराते हैं पंजीकरण
जिला सेवायोजन कार्यालय के आंकड़े बता रहे हैं कि प्रोफेशनल डिग्री हासिल करने वाले युवा कम ही पंजीकरण कराते हैं। इसकी वजह शायद यह है कि ऐसे लोगों को इस कार्यालय से रोजगार बिल्कुल ही नहीं मिल पाता है। यदि मिलता भी है तो वह युवाओं को विभिन्न वजहों से पसंद नहीं आता है। निजी कंपनियों में कहीं वेतन कम होता है तो कहीं कोई दूसरी वजह काम में आड़े आ जाती है।
जिला सेवायोजन कार्यालय में दर्ज तकनीकी शिक्षा लेने वाले बेरोजगार
वर्ष आईटीआई डिप्लोमा बीएड-एलटी
2012--11--------04-------407
2015--33--------24------ 104
2018--38--------53-------01
2019--142-------279------127
2020--74--------151------ 04
2021--08--------24------- 03
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बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पहल की जाती है। रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार देने का प्रयास किया जा रहा है। आउट सोर्सिंग के माध्यम से भी रोजगार दिए जाते हैं।
- माधवी उपाध्याय, सहायक सेवा योजन अधिकारी