संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज लेने वाली महिलाएं परेशान हैं। वसूली के लिए एजेंट महिलाओं के घर जाकर सामान बेचने की धमकी दे रहे हैं। यहीं नहीं एजेंट के व्यवहार से महिलाएं परेशान हैं। एजेंट की सख्ती इन दिनों में बढ़ गई है। महिलाएं दिन में घर छोड़कर इधर-उधर रहने लगी हैं।
चौक क्षेत्र के ग्राम सभा सोनबरसा, पिपरिया गुरु गोबिंदराय, पड़रीकला और मदनपुरा की महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस कंपनी से कर्ज लिया है। किस्त भरने के लिए पास में पैसे नहीं है। वसूली के लिए एजेंट उनके घर पहुंचकर खरी-खोटी सुना रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि वसूली करने के लिए घर का सामान बेचने की धमकी दे रहे हैं।
महलाओं का आरोप है कि एक आधार कार्ड पर कई कंपनी से लोन दे दिया जाता है। जबकि, असल कंपनी को पता होता है कि आवेदक पहले से ही कर्जदार है। महिलाओं का कहना है कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी से ली गई रकम पर ब्याज भी समझ में नहीं आता है। कर्ज देने के दौरान नरमी बरतते हैं और वसूली के दौरान सख्त हो जाते हैं।
ग्राम सभा भागाटार की संगीता देवी का कहना है माइक्रो फाइनेंस कंपनी से पचास हजार रुपये कर्ज ली। आठ किश्त जमा भी कर दी है। पति को पहले स्टेज में कैंसर का इलाज करा रहीं हूं। कम्पनी के एजेंट ने दस हजार रुपये ले लिया गया। उसने बताया कि शेष कर्ज माफ करा दूंगा। सारे कागजात कम्पनी के एजेंट को दी, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। कम्पनी के हेड ऑफिस में शिकायत करने के बाद कोई कार्रवाई हुई। कंपनी के एजेंट किस्त जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं।
घर की आर्थिक स्थिति खराब, एजेंट देते हैं धमकी : टीकर परसौनी निवासी सरस्वती देवी का कहना है की पति काम नहीं चलने से एक माह से घर हैं। रकम नहीं मिलने से समय से किस्त जमा नहीं कर पा रही हूं। एक लाख रुपये कर्ज हैं। ऐजेंट घर आकर सामान बेचने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में दिन में इधर-उधर रहना पड़ता है। इन दिनों घर की माली हालत ठीक नहीं है।