महराजगंज। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने और डिजिटल स्वास्थ्य पहचान को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब ये महिलाएं अपने-अपने गांवों में आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) आईडी बनवाने के लिए लोगों को जागरूक करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 26.33 लाख लोगों की आभा आईडी बननी है। इनमें से अब तक 20.09 लाख लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है
जबकि शेष लोगों को इस दायरे में लाने के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं। लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अभियान से जोड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है।
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने-अपने गांवों में भ्रमण कर यह जानकारी एकत्र करेंगी कि किन लोगों की आभा आईडी अभी तक नहीं बनी है। वे प्रत्येक परिवार से संपर्क कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएंगी।