फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैग बनाने में जुटीं महिलाएं बढ़ा रहीं आमदनी

विज्ञापन
बैग की सिलाई करती समूह की सदस्य। - फोटो : MAHARAJGANJ
विज्ञापन
बैग बनाने में जुटीं महिलाएं बढ़ा रहीं आमदनी
विज्ञापन

महराजगंज। दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित जवाहर शक्ति स्वयं सहायता समूह शास्त्रीनगर की महिलाएं बैग बनाकर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उनका मार्ग दर्शन भी किया जाता है। ऐसे में कार्य के दौरान होने वाली मुश्किल दूर हो जाती है।
जवाहर शक्ति स्वंय सहायता समूह शास्त्रीनगर का गठन 9 नवंबर 2016 को हुआ था। समूह में 10 महिलाएं जुडी हैं। इनके सहयोग में जुटी महिला प्रशिक्षण सेवा संस्थान की सचिव सरोज पांडेय ने बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। समूह को रिवाल्विंग फंड मिल चुका है। समूह की अध्यक्ष ज्योति ने बताया कि इन दिनों टेडीवियर बनाने का काम बंद है, क्योंकि इसकी मांग नहीं है। ऐसे में बैग की सिलाई की जा रही है। स्थानीय बाजार से कपड़ा एवं अन्य जरूरी सामान की खरीददारी की जाती है। बैग के आकार एवं उपयोग की क्षमता के अनुसार लागत आती है। 50 रुपये के लागत वाले बैग 70 से 80 रुपये में बिक जाते हैं। 300 की लागत वाले बैग करीब 400 में बिकता है। इससे समूह को करीब 30 हजार रुपये की आमदनी एक माह में होती है। समूह की सदस्य अनुराध, जुही, पुष्पा, रिचा, रिंकी, सरिता, श्वेता आदि ने बताया कि घर पर रहते हुए काम आसानी से हो जाता है। बैग की बिक्री में भी कोई परेशानी नहीं होती है। ज्यादातर मांग के अनुसार ही बैग तैयार किया जाता है। एक दिन में आठ से दस बैग बन जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विभाग की ओर से महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। समय पर रिवाल्विंग फंड भेजने के साथ ही प्रशिक्षण दिलाकर काम शुरू करा दिया जाता है। समस्याओं को दूर करने के लिए मार्गदर्शन भी किया जाता है।
आनंदमय त्रिपाठी, शहरी मिशन प्रबंधक, डूडा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें