बगैर अंगूठा लगाए ही धान की हो गई बिक्री, अब लगा रहे चक्कर
महराजगंज। निचलौल विकास खंड क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों पर जिम्मेदारों द्वारा किसानों के धान की खरीदारी तो कर ली गई लेकिन, किसानों का अंगूठा नहीं लगवाया गया। ऐसे में अब किसान हर रोज केंद्र का चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। वहीं, आईडी लॉक होने की बात कर केंद्र प्रभारी लखनऊ से केंद्र बंद होने का हवाला देते हुए किसानों को हर रोज वापस लौटा दे रहे हैं। कुछ क्रय केंद्रों पर तो धान की खरीदारी हो रही है। लेकिन, वहां भी किसानों को नंबर लगाने के बाद भी धान बेचने में काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।
रायपुर गांव में यूपीएसएस क्रय संस्था द्वारा केंद्र संचालित है। यहां करीब 12 से ज्यादा किसान हर रोज केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। बगैर अंगूठा लगाए ही धान की बिक्री करने पर भुगतान में समस्या हो रही है। आईडी लॉक होने के कारण अंगूठा नहीं लग पा रहा है। केंद्र प्रभारी दिलीप कुमार ने कहा कि लखनऊ से केंद्र को बंद करते हुए धान खरीदारी मशीन की आईडी बंद कर दी गई है। जिसके चलते करीब एक सप्ताह से धान की खरीदारी नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र पर अब तक करीब 135 किसानों से 10 हजार क्विंटल धान की खरीदारी की जा चुकी है। सिधावे गांव में पीसीयू महराजगंज द्वारा क्रय विक्रय सहकारी समिति क्रय केंद्र संचालित है। वहीं, केंद्र प्रभारी राम गोपाल ने कहा कि केंद्र पर 60 किसानों से दो हजार पांच सौ क्विंटल धान की खरीदारी की जा चुकी है। अधिकांश किसानों के खातों में रकम भी जा चुकी है। महज 10 से 12 किसानों के खाते में गड़बड़ी होने के चलते रकम नहीं पहुंची है। लेकिन केंद्र को लखनऊ से बंद कर दिया गया है। जिसके चलते अब धान की खरीदारी नहीं की जा रही है। निचलौल में मारवाड़ी वार्ड में क्रय विक्रय सहकारी समिति गडौरा एट क्रय केंद्र संचालित है। यहां पर केंद्र प्रभारी ने कहा कि एक जनवरी तक 108 किसानों से चार हजार दो सौ क्विंटल धान की खरीदारी की जा चुकी है। अभी भी केंद्र पर आने वाले किसानों की धान नंबर के मुताबिक खरीदारी की जा रही है। टिकुलहिया में किसान सेवा सहकारी समिति लिमिटेड निचलौल के नाम से क्रय केंद्र संचालित है। केंद्र प्रभारी जितेंद्र ने कहा कि 122 किसानों से छह हजार एक सौ क्विंटल धान की खरीदारी की जा चुकी है। शीशगढ़ के किसान गंगा सागर ने बताया कि 70 क्विंटल धान का तौल हो चुका है। लेकिन अंगूठा नहीं लगा है। अब रोज केंद्र का चक्कर लगा रहा हूं। सिधावे गांव के नंद किशोर ने बताया कि 48 क्विंटल धान की बिक्री हो चुकी है। अभी अंगूठा नहीं लगा है। ठंड में रोज केंद्र पर आना पड़ रहा है।
जिन क्रय केंद्रों का भुगतान कम है। वहां क्रय होल्ड कर दिया गया है जिससे अंगूठा नहीं लग पा रहा है। ज्योंही संबंधित केंद्रों का 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान होगा। अंगूठा लगना शुरू हो जाएगा। इसके बाद किसानों का क्रय मान्य हो जाएगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। -अखिलेश कुमार सिंह, डिप्टी आरएमओ