महराजगंज। तापमान में हो रही लगातार बढ़ोतरी के बीच आग लगने की घटनाओं में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। इस बीच रोडवेज की बसों में लटके अग्निशमन यंत्र वर्षों से नहीं रिफिल हुए सिर्फ दिखाने का काम इनके सहारे किया जा रहा है।
महराजगंज डिपो में कुल 67 रोडवेज की बसें संचालित हैं। इसमें से 9 रोडवेज बसें नई हैं जो 2025 में मिली हैं। इनमें लगे अग्निशमन यंत्र अभी कारगर हैं क्योंकि एक वर्ष नहीं पूरा हुआ, लेकिन 58 बस ऐसे हैं जिनमें अग्निशमन यंत्र के रूप में सिलिंडर तो ड्राइवर सीट के पीछे दिख जाते हैं लेकिन इनकी रिफलिंग कब हुई इसकी जानकारी नहीं है। जबकि निर्देश हैं कि प्रति वर्ष इनकी जांच व रिफिलिंग जरूरी है। साथ ही रिफलिंग की तारीख सिलिंडर पर लिखना जरूरी है, लेकिन किसी सिलिंडर पर इसका उल्लेख नहीं है। ऐसे में कोई दुर्घटना बस में होती है तो स्थिति संभालने में दिक्कत होनी तय है।
अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था बस स्टेशन व डिपो वर्कशॉप से लेकर बसों में है जिनकी नियमित जांच व रिफिलिंग होती है। किसी बस में शेष रह गया होगा उसमें भी करा दिया जाएगा। -सर्वजीत वर्मा, एआरएम