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Maharajganj News: प्रधान प्रशासक बने तो बंद हो गया ग्राम पंचायतों का खाता, बच्चों को नहीं मिल रहा दूध व फल

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प्रधानों के प्रशासक बनने के चलते शुरू हुई परेशानी
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एमडीएम खाते अब स्कूल प्रबंधन समिति को सौंपने की तैयारी
महराजगंज। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न भोजन तो मिल रहा है लेकिन पोषण योजना के तहत सप्ताह में एक दिन दूध व एक दिन फल की उपलब्धता मेन्यू से नदारद है। जुलाई के बाद यह समस्या अगस्त में भी बने रहने से अब विभाग एमडीएम खाते का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति को सौंपने की तैयारी कर रहा है।
जनपद में संचालित 1500 से अधिक स्कूलों में 2 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इन बच्चों को पका पकाया मध्याह्न भोजन तो प्रतिदिन मिल रहा है लेकिन प्रति सप्ताह बुधवार को मिलने वाला दूध और सोमवार को मिलने वाला फल नहीं मिल रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ग्राम प्रधानों के प्रशासक बनने के बाद ग्राम पंचायतों का खाता बंद है।
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ग्राम पंचायत के खाते से परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के फल और दूध की व्यवस्था की जाती थी। ग्राम प्रधानों के प्रशासक बनने के बाद से यह खाता बंद हो गया है। एमडीएम में पोषण के तहत आने वाले फल इसी खाते से प्रधान उपलब्ध कराते थे। इस वजह से स्कूलों के मेन्यू से फल और दूध गायब हो गए हैं। वहीं पके एमडीएम का खाता भी प्रभावित होने के कारण इसके अलग संचालन की तैयारी में विभाग जुटा हुआ है।
शासन से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश
जिले में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के बैंक खातों के संचालन के लिए नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए है। विद्यालयों के मध्याह्न भोजन निधि खाते विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित होंगे। प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। अब तक एमडीएम खातों का संचालन ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता था। ग्राम पंचायतों के सामान्य निर्वाचन तक योजना के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए इसके लिए शासन के निर्देश पर यह नई व्यवस्था प्रभावी होगी।
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वर्जन
नई व्यवस्था के तहत जिन विद्यालयों में मध्याह्न भोजन निधि खाते संचालित हैं, वहां एसएमसी अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से खाते का संचालन करेंगे। सभी आय-व्यय का अभिलेख सुरक्षित रखा जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश है कि विद्यालयों में इस व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं।
-सुरजीत कुमार सिंह, बीएसए, महराजगंज।
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