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Maharajganj News: रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहीत जमीन पर कर दी गेहूं की बोआई

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महराजगंज। जिले में नई रेल लाइन परियोजना के तहत घुघली से महराजगंज तक 24.8 किमी के दायरे में निर्माण कार्य चल रहा है। रेलवे ने 29 गांवों से जमीन अधिग्रहण किया था और प्रभावित किसानों को मुआवजा भी दे दिया था। इसके बावजूद कुछ गांवों में अधिग्रहित भूमि पर किसानों ने पुनः खेती शुरू करने से निर्माण एजेंसी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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रेलवे के अनुसार, पड़री बुजुर्ग, शिकारपुर, महुआ और पिपराइच उर्फ पचरुखिया गांव में करीब पांच किसानों ने अपनी भूमि के बदले रेलवे से मुआवजा प्राप्त कर लिया था। रेलवे रिकॉर्ड में संबंधित भूमि अब पूर्ण रूप से रेलवे की संपत्ति मानी जाती है और उस पर निर्माण कार्य चलाने की प्रक्रिया निर्धारित है। लेकिन कुछ किसानों ने अधिग्रहित जमीन पर दोबारा गेहूं की बोआई कर दी है। इससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है और परियोजना समय सीमा पर असर पड़ने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित गुप्ता ने बताया कि रेल लाइन निर्माण का कार्य चल रहा है। लेकिन कुछ गांवों में मुआवजा ले चुके किसानों द्वारा अधिग्रहित जमीन पर खेती किए जाने की जानकारी मिली है। यह पूरी तरह गलत है, क्योंकि मुआवजा प्राप्त होने के बाद भूमि पर किसानों का कोई स्वामित्व या अधिकार नहीं रह जाता। रेलवे की जमीन पर किसी भी प्रकार की खेती या निर्माण गैरकानूनी है। संबंधित किसानों को नोटिस जारी किया गया है।
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