दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार में हिंदी दिवस पर गोष्ठी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। शब्दों का अधिकाधिक ज्ञान व उच्चारण की शुद्धता ही हमें किसी भी भाषा में पारंगत बना सकती है। हिंदी भाषा के विकास में सबसे बड़ी जिम्मेदारी हम सभी की है। संस्कृत भाषा से उत्पन्न होने के कारण हिंदी का शब्द भंडार अतिविशाल है। इसमें हर भाव व विचार को प्रकट करने के लिए,सही और सटीक शब्द है।
उक्त बातें जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डाॅ. राणा प्रताप तिवारी ने कही। वह दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार में हिंदी दिवस पर गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। शिक्षक रामसुखी यादव ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों के बाद भी हिंदी पूर्ण रूप से राष्ट्रभाषा के शिखर से वंचित है। मात्र उसे राजभाषा का दर्जा संवैधानिक रूप से प्राप्त है।
जगदंबिका सिंह ने कहा कि हिंदी व्यक्तित्व विकास में सहायक है। डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने कहा कि हिंदी विश्व की अग्रणी भाषाओं में से एक है। इसमें विपुल साहित्य भंडार एवं शुद्ध व्याकरण से भरपूर है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार, अमृता सिंह, विनोद कुमार यादव, अक्षय कुमार अग्निहोत्री, मनोज कुमार, दुर्गेश कुमार, ध्रुव नारायण आदि मौजूद रहे।