शीतलापुर खेसरहा की ओवरहेड टैंक योजना तकनीकी खराबी के कारण ठप, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई मरम्मत
2017 में तैयार हुई ओवरहेड टैंक योजना से कुछ समय तक जलापूर्ति, 2015 में शुरू हुआ था निर्माण
निचलौल। नेपाल सीमा से सटे ग्राम पंचायत शीतलापुर खेसरहा में शुद्ध पेयजल योजना पिछले करीब आठ वर्षों से बंद पड़ी है। वर्ष 2017 में तैयार हुई ओवरहेड टैंक योजना से कुछ समय तक जलापूर्ति हुई लेकिन पाइपलाइन में तकनीकी खराबी आने के बाद आपूर्ति बंद हो गई। इसके बाद योजना दोबारा शुरू नहीं हो सकी। गांव के करीब चार हजार लोग आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2015 में ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था। 2017 में कार्य पूरा होने के बाद चार टोले खेसरहा, शीतलापुर, किशुनपुर और बाघ टोला में जलापूर्ति शुरू की गई थी। कुछ समय बाद पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बंद कर दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग ने अब तक मरम्मत नहीं कराई।
ग्रामीण जगदीश पाल ने बताया कि जलापूर्ति शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिली थी लेकिन बंद होने के बाद फिर पुरानी समस्या लौट आई। मुस्तफा अंसारी ने कहा कि वर्षों से विभाग से शिकायत की जा रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बालमुकुंद का कहना है कि शुद्ध पेयजल नहीं मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नंदलाल ने बताया कि नल का पानी मिलने से परिवार की दिनचर्या आसान हो गई थी लेकिन अब फिर से दूसरे स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। पिंटू पासवान ने कहा कि पाइपलाइन टूटने के कारण पूरी योजना बेपटरी हो गई है और लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
इम्तियाज अंसारी ने आरोप लगाया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कराने में अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। वीरेंद्र यादव ने कहा कि जलापूर्ति बंद रहने से ओवरहेड टैंक परिसर भी उपेक्षा का शिकार हो गया है। घास-फूस उग आई है और उपकरण खराब होते जा रहे हैं। पूर्व प्रधान वकील अहमद ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित हर घर जल योजना को मुंह चिढ़ा रहा है गांव में बना ओवरहेड टैंक, अब बाहरी लोगों को गांव की पहचान बताने के लिए इसका प्रयोग किया जा रहा है।
ग्राम प्रधान महेंद्र प्रसाद ने बताया कि संबंधित विभाग को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि परियोजना अभी तक ग्राम पंचायत को हस्तांतरित भी नहीं की गई है।
वर्जन
मामले की जानकारी लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को जलापूर्ति बहाल कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। जल्द ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
-सिद्धार्थ गुप्ता, उपजिलाधिकारी