महराजगंज। जिले में कई परियोजनाओं पर तेजी काम चल रहा है। दो हाईवे निर्माण के साथ नेता जी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय बन रहा है। वहीं रोहिन नदी पर डिजिटल बैराज फरवरी में बन कर तैयार हो जाएगा। हाईवे का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है।
कहीं नाली बन रही है तो कहीं अधूरी नाली को पूरा किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इन परियोजनाओं को पूरा होने पर क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। इसके अलावा अन्य परियोजनाओं पर काम कराए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रतनपुर के मिश्रौलिया में बन रहे डिजिटल रोहिन बैराज का कार्य तेजी से हो रहा है। 15 फरवरी तक बैराज निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। पूरे बैराज में सात स्लैब में तीन स्लैब पड़ चुके हैं। चार स्लैब पड़ना अभी बाकी है। सात गेट में पांच गेट लग चुके हैं। दो गेट अभी लगना बाकी है। अवर अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि बैराज का निर्माण कार्य हो रहा है।
20 दिन में स्लैब का कार्य पूरा हो जाएगा। दो गेट बाकी है। उसका कार्य बरेली डिविजन के मैकेनिक करते हैं। उसे वह लोग आकर लगाएंगे। बताया जाता है कि क्षेत्र के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए वर्ष 1947 में रतनपुर के मिश्रौलिया के पास रोहिन नदी में बीयर गेट बनाकर पानी आपूर्ति की जाती थी। अगस्त 2005 में आई बाढ़ से रोहिन बीयर गेट टूट गया, जिससे पानी आपूर्ति ठप हो गई। किसानों की सिंचाई की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग ने नदी में अस्थायी बांध बनाकर पानी की आपूर्ति की, लेकिन बरसात आने से पहले बाढ़ से बचाव के लिए बांध काट दिया जाता है। इससे किसानों को केवल रबी की फसल में ही सिंचाई की सुविधा मिल पाती थी। रोहिन बैराज के तैयार होते ही किसानों की समस्याएं दूर हो जाएंगी।
उधर सेखुआनी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय बन रहा है। अगस्त 2026 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। 10 करोड़ की लागत से बनने वाले भवन के लिए शासन ने पहली किस्त 2.57 करोड़ रुपये जारी कर दी है।
निर्माण की जिम्मेदारी यूपी प्रोजेक्ट काॅर्पोरेशन लिमिटेड गोरखपुर और उत्तर प्रदेश कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट काॅर्पोरेशन लिमिटेड महराजगंज को दी गई है। निर्माण कार्य पूर्ण कराने के लिए अगस्त 2026 तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। नींव से ऊपर काम हो रहा है। पिलर का निर्माण हो रहा है। इसमें 100 बालक व 100 बालिकाओं का प्रवेश हो सकेगा।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए पात्रता भी निर्धारित है। अनाथ (अभिभावक विहीन) बच्चे, भिक्षाटन से जुड़े बच्चे, रेलवे प्लेटफार्म या बस स्टाॅप पर रहने वाले बच्चे, कूड़ा-कचरा बीनने वाले बच्चे, देह व्यापार से जुड़े परिवार एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के बच्चे प्रवेश पा सकेंगे।