विनोद का शव घर पहुंचते ही लोगों की लगी भीड़।
भिटौली/परतावल। भिटौली थाना क्षेत्र के भैसा गांव में विनोद तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या का प्राथमिकी दर्ज कर ली है। रविवार को हुई घटना से पूरे गांव के लोग दहशत में हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर में मृतक के पुत्र प्रियांशु तिवारी ने गांव के ही राजेन्द्र, लोकनाथ तिवारी, बैजनाथ वर्मा, वतन, दीपू वर्मा और शम्भू वर्मा पर सुनियोजित तरीके से हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, भैंसा निवासी विनोद तिवारी (50) और उनके पड़ोसी वैजनाथ वर्मा के बीच पिछले कई वर्षों से रास्ते के पांच फीट हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। यह रास्ता दोनों घरों के बीच से गुजरता है और इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच आए दिन नोकझोंक होती रहती थी। बताया जाता है कि अब तक कई बार मारपीट की नौबत आ चुकी थी। पुलिस भी मामले में तीन बार दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान कर चुकी है। दो दिन पहले ही हुई पंचायत में दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की गई लेकिन कोई हल नहीं निकल सका।
मामला वर्तमान में न्यायालय में भी विचाराधीन है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार की शाम विनोद तिवारी गांव के बाहर स्थित पुलिया के पास बैठे हुए थे। तभी आरोपी अचानक वहां पहुंचे और बिना किसी कहासुनी के कुल्हाड़ी से विनोद पर वार कर दिया। वार इतना तेज और गहरा था कि विनोद गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर ही तड़पने लगे। उनकी चीख सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़े, लेकिन तब तक हालत नाजुक हो चुकी थी।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को दी। भिटौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विनोद तिवारी को अपने सरकारी वाहन से सीएचसी परतावल भिजवाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद विनोद को मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्रा ने बताया कि मामले में मृतक विनोद तिवारी के पुत्र प्रियांशु तिवारी की तहरीर पर छह नामजद लोगों के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।