महराजगंज। नेपाल में गंडक नदी के तटबंधों की मजबूती पर जोर दिया जा रहा है। सुरक्षात्मक कार्यों के लिए आठ परियोजना पर काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस पर 43 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह महत्वपूर्ण तटबंध है। नेपाल और भारतीय क्षेत्र के सैकड़ों गांव इससे सुरक्षित होंगे।
जानकारी के अनुसार, गंडक नदी के दाएं तट पर स्थित बी गैप और ए गैप तटबंधों को मजबूत करने के लिए काम शुरू होगा। सिंचाई विभाग की ओर से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बाॅन्ड बनाया जा रहा है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। नेपाल के नवल परासी जिले में स्थित इन तटबंधों पर बाढ़ सुरक्षात्मक उपाय किए जाएंगे।
इस परियोजना के तहत तटबंधों की मरम्मत, नई सुरक्षा दीवारों का निर्माण और कटावरोधी कार्य किए जाएंगे। हर साल बरसात में गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से तटबंधों पर दबाव बढ़ जाता है और कई बार कटाव के कारण स्थानीय आबादी को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है।
नेपाल के नवल परासी जिले में बी गैप तटबंध पर ट्रांजिट कैंप निर्माण होगा। इस परियोजना पर 214.77 लाख रुपये खर्च होंगे। ट्रांजिट कैंप का निर्माण बाढ़ राहत कार्यों, तटबंध के रखरखाव और मरम्मत के दौरान श्रमिकों और सिंचाई के अधिकारियों के ठहरने के लिए किया जाएगा। इससे आपदा प्रबंधन और तटबंध संरक्षण संबंधी गतिविधियों में तेजी आएगी। वहीं बड़ी गंडक नदी के दाएं तट पर स्थित स्पर संख्या 16 और 17 के शैक का पुनर्निर्माण और बी गैप तटबंध के समग्र सुधार कार्य पर 485.76 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस कार्य के तहत तटबंध को मजबूत बनाया जाएगा।
इससे बाढ़ और कटाव से होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा। बी गैप तटबंध के स्पर संख्या 14 को पुनर्स्थापित किया जाएगा। इस पर 1523.60 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे तटबंध की मजबूती बढ़ेगी, जिससे बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सकेगा और आसपास के गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
बी गैप तटबंध के स्पर संख्या 6 के अपस्ट्रीम से स्पर संख्या 7 तक एजकेटिंग की पुनर्स्थापना की जाएगी। इस परियोजना पर 1023.60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। एजकेटिंग की पुनर्स्थापना से तटबंध को कटाव से बचाने और जल प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
गंडक नदी के दाएं तटबंध पर स्थित नेपाल तटबंध पर स्पर संख्या-3 के अपस्ट्रीम से एजकेटिंग का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 440.56 लाख रुपये खर्च होंगे। यह निर्माण कार्य तटबंध को सुरक्षित बनाए रखने और आसपास के क्षेत्रों को बाढ़ से बचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
ये हैं संवेदनशील ठोकर : नारायणी नदी के बी गैप बांध के संवेदनशील ठोकर संख्या नौ, 12 और 13 है। इसपर विभाग की ओर से पिछले वर्ष वाॅच टावर का निर्माण कार्य कराया जा चुका है। इससे नदी के बढ़ते और घटते जलस्तर के साथ ही संवेदनशील ठोकरों की निगरानी रखने में सुविधा मिल रही है।