परसामलिक। नौतनवा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेवतरी व रेहरा के बीच स्थित बार्डर डेवलपमेंट रोड पर बना नवनिर्मित बघेला पुल के पश्चिमी एप्रोच की मिट्टी बाढ़ के दौरान कट कर नाले में बह गई थी। मिट्टी कटान हो जाने से पूरा रास्ता समेत पुल का एप्रोच खतरनाक हो गया था। आस-पास के गांव के लोगों ने एप्रोच पर मिट्टी कार्य करवाने की मांग लगातार की लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं बीते बुधवार की देर शाम तक ग्रामीण व समाजसेवियों ने खतरे की आशंका को देखते हुए श्रमदान कर खतरे की जद में आए रास्ते को ठीक करवाया।
ग्रामीण मनोज कुमार पांडेय, विवेक चौधरी, विरेन्द्र शर्मा, संजय अग्रहरी आदि लोगों ने व्यक्तिगत खर्चे से श्रमदान कर करीब दर्जनों मजदूरों के माध्यम से पुल के एप्रोच पर मिट्टी व मिट्टी से भरी बोरियों को डलवाकर आवागमन सुचारू से करवाया। समाजसेवियों के इस कार्य को राहगीर व स्थानीय लोगों ने खूब सराहा। स्थानीय निवासी अखिलेश यादव, मंटूलाल अग्रहरी, राजकुमार अग्रहरी, मोहन, रामजी वर्मा, विजय पटवा, अर्जुन पांडेय, कृष्ण चंद्र, पंकज त्रिपाठी, जनार्दन मौर्य, बेचन गुप्ता आदि लोगों ने बताया कि पहली बाढ़ में नवनिर्मित पुल के एप्रोच की मिट्टी धंसने से खतरे की आशंका बनी हुई थी। जिसकी सूचना जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग समेत ठेकेदार को दिया गया था लेकिन आज तक विभाग की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।