निचलौल। क्षेत्र के बाली गांव स्थित एक काॅलेज की भूमि पर खनन माफिया की ओर से पांच दिन से जेसीबी लगाकर खनन किया जा रहा था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी राजस्व और खनन विभाग के जिम्मेदार बेखबर बने हुए थे।
जिम्मेदारों की लापरवाही से परेशान ग्रामीण आक्रोशित होकर शुक्रवार को खनन स्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ देख खनन माफिया जेसीबी और वाहन लेकर मौके से भाग निकले। गांव वालों ने राजस्व और खनन विभाग के जिम्मेदारों पर आरोप लगाते हुए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
बाली गांव निवासी त्रिलोकी गुप्ता, शहाबुद्दीन अली, बिकाऊ यादव, विजय और हैदर अली ने कहा कि गांव के उत्तर तरफ स्थित पोखरे के पूरब सरकारी भूमि है। वह भूमि वर्तमान में एक काॅलेज के नाम से है। भूमि पर ग्राम प्रधान की ओर से पौधरोपण भी कराया गया था।
लेकिन, कुछ खनन माफियाओं की ओर से उस भूमि पर जेसीबी लगाकर अवैध खनन कराया जाने लगा। इसकी शिकायत राजस्व और खनन विभाग के अधिकारियों से की गई।
गांव वालों का आरोप है कि जिम्मेदारों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए खनन माफिया करीब 25 डिस्मिल भूमि पर 10 फीट गहरा गड्ढा खोद मिट्टी उठा ले गए है। इतना ही नहीं भूमि के पास से गुजरे चकमार्ग के भी कुछ हिस्से की मिट्टी खोद दी है।
अधिकारियों के कार्रवाई न करने से आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंचकर खनन माफियाओं को खदेड़ कर काम बंद करा दिया। इस मामले में जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
ग्राम प्रधान के पति गिरीश गौंड़ ने कहा कि चकबंदी से पहले गांव की कमेटी ने ग्राम सभा की भीटा भूमि को एक स्कूल को दे दिया था। इस पर अवैध खनन कर मिट्टी बेची जा रही थी। मामले में न्यायालय पहुंच आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसडीएम शैलेंद्र गौतम ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी खनन विभाग की है। फिलहाल वह किसी कार्य से प्रयागराज हैं। वहीं खनन अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर अवैध तरीके से खनन किया गया है तो इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।