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Maharajganj News: अपनी व मवेशियों की सुरक्षा के लेकर चिंतित हैं ग्रामीण

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तेंदुए के हमले के बाद बेलहियां गांव के पास जुटे ग्रामीण। 
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मौत सामने देख चिल्लाते हुए खेत से भागी महिला तो बचाने दौड़े ग्रामीण
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दोपहर बाद तीन बजे दिखा था तेंदुआ, दो घंटे मची रही अफरा-तफरी
बथुआ का साग निकाल रहे महिला व किशोरी पर किया था हमला, बचाने आए तीन लोग भी हुए घायल
महराजगंज। बरगदवां थाना क्षेत्र के अमहवा गांव के पश्चिम खेत में बथुआ का साग निकाल रही महिला व किशोरी पर तेंदुए के हमले के बाद गांव में दहशत का माहौल है। दोनों के बचाने आए ग्रामीणों में से तीन लोगों को भी तेंदुए ने घायल कर दिया है। तेंदुआ गांव के पास पोखरे पर झाड़ी में छिप गया। वन विभाग की टीम उसकी तलाश में जुटी है। गांव के लोग मवेशियों और खुद की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
अमहवा गांव की मजिदा खातून (38) व जैनब (13) खेत में बथुआ का साग निकालने गई थीं। खेत वन क्षेत्र से करीब तीन किमी दूर है। ऐसे में वन्य जीव जंगल से भटक कर आबादी की ओर चले आते हैं। खतरे से बेखबर दोनों अचानक तेंदुए देखीं तो डर गईं। गनीमत रहा कि दोनों तेज आवाज में चिल्लाते हुए भागने लगीं। इसी बीच तेंदुए ने पंजा मारकर दोनों को घायल कर दिया। दोनों का चिल्लाते देखकर अधिक संख्या में गांव के लोग खेत की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने बताया कि तेंदुआ झाड़ी में छिपा है। कभी भी बाहर आकर हमला कर सकता है।
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गांव के दिनेश यादव, प्रदीप विश्वकर्मा, सुरेंद्र राजभर, जोखई राजभर, अजय चौधरी, भुअर चौधरी, राम सांवर राजभर, बेचन राजभर, हीरा मौर्या, सोहन, छत्रपाल शर्मा ने बताया कि गांव के पश्चिम घर के पास ग्राम सभा के पोखर के किनारे झाड़ी में तेंदुआ छिपा हुआ है। कहीं ऐसा न हो कि अंधेरे में तेंदुआ जंगल की तरफ न जाकर गांव में घुस आए। वन विभाग की टीम गश्त कर रही है।
डीएफओ निरंजन सुर्वे ने बताया कि वन विभाग की टीम निगरानी कर रही है। लोगों को अकेले घर से बाहर नहीं जाने की अपील की जा रही है। रात में सुनसान पाकर तेंदुआ जंगल की ओर जा सकता है।
जनपद 342 वर्ग किमी क्षेत्र वन से घिरा हुआ
महराजगंज जनपद 342 वर्ग किमी क्षेत्र वन से घिरा हुआ है। यह जिला वन से घिरे होने के कारण काफी हरा-भरा रहता है। गोरखपुर वन क्षेत्र से 1987 में अलग होकर वन्य जीव अभ्यारण्य बना सोहगीबरवा सेंचुरी नेपाल के चितवन पार्क और बिहार के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर में शामिल है। तीनों वन क्षेत्र एक-दूसरे से सटे हैं। नेपाल के चितवन पार्क से गैंडा, भालू यहां आते रहते हैं। वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व के बाघों की यहां साइटिंग होती रहती है।
वर्जन
जलवायु परिवर्तन, मानवीय गतिविधियों में वृद्धि आदि कई कारणों से साल दर साल वन क्षेत्र कम होता जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक संसाधन कम हो रहे हैं जो जंगली जानवरों का भोजन हैं। इसलिए वे भोजन की तलाश में जंगल से बाहर जाते हैं। वन क्षेत्र में इनके लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
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-रविंद्र त्रिपाठी, सदस्य, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई)
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तेंदुए ने कब और कहां किया हमला::
-28 दिसंबर 2016 को मोहम्मदा गांव में तेंदुए ने हमला किया। गांव के 12 लोग हमले में घायल हुए थे।
-29 दिसंबर 2016 को पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में गुरुवार की सुबह तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर दिया।
-19 दिसंबर 2017 को थाना क्षेत्र कोल्हुई के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में घुसकर एक तेंदुआ तीन लोगों को घायल कर दिया।
-24 मई 2018 को ग्राम पंचायत जमुहानी में तेंदुआ दिखा। वहां से ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर मेेंं जाकर तेंदुए ने चार लोगों को घायल कर दिया। गुस्साए लोगों ने तेंदुए को पीट-पीट कर मार डाला था।
-15 सितंबर 2018 को जंगल से सटे गांव ओबरी के रहने वाले मंहगू भारती (60) को खेत की रखवाली करने के दौरान तेंदुए ने दबोच लिया।
-15 फरवरी 2021 को निचलौल रेंज गुरली रमगढ़वा गांव में घुस परदेशी की दो बकरियों पर तेंदुआ हमला बोल मार दिया था।
-1 अप्रैल 2021 गेड़हरुआ वन चौकी क्षेत्र के ग्राम सभा पटखौली में घास काटने गए केदार (60), जफरेली 40 को तेंदुए ने घायल कर दिया था।
17 अप्रैल 2021 लक्ष्मीपुर रेंज के पिपरा सोहट के मैरी गांव में तेंदुए ने खेत में काम कर रहे दो किसानों को घायल कर दिया था।
8 अगस्त 2020 को ग्राम सभा बड़हरा चरगहां में झोपड़ी की टाट को फाड़ कर तेंदुआ अंदर घुस गया और घर में बंधी बकरी पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया।
25 अप्रैल 2020 को जंगल से सटे गांव बड़हरा चरगहा के टोला छावनी निवासी विनोद चौहान के झोपड़ी में बंधी एक बकरी को तेंदुआ मार जंगल में उठा ले गया था।
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