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Maharajganj News: ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज, सचिव निलंबित

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बकैनिया हरैया पंचायत में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि, ग्राम पंचायत अधिकारी को किया निलंबित
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संयुक्त जांच में कुल 6.10 लाख रुपये के दुरुपयोग की हुई पुष्टि
ग्राम प्रधान और सचिव के स्पष्टीकरण और शपथ पत्रों को जांच के बाद तथ्यहीन और भ्रामक पाया गया
महराजगंज। लक्ष्मीपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बकैनिया हरैया में वर्ष 2021 से अब तक कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया और सचिव को निलंबित कर दिया है।
शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई संयुक्त जांच में कुल 6.10 लाख रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने ग्राम प्रधान अखिलेश्वर शुक्ल के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया और सचिव अश्वनी कुमार पटेल को निलंबित कर दिया गया है।
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जांच आख्या के अनुसार, ग्राम पंचायत में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कराए गए कार्यों में नियमों और मानकों की अनदेखी की गई। सबसे गंभीर मामला प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण से जुड़ा सामने आया है। जांच में यह पाया गया कि योजना के तहत तीन ऐसे लाभार्थियों को आवास की तीनों किश्तें जारी कर दी गईं, जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते थे। स्थलीय सत्यापन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित लाभार्थी पहले से ही पक्के मकानों में रह रहे थे। जांच समिति ने ग्राम प्रधान और सचिव की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण और शपथ पत्रों की गहन जांच की लेकिन उन्हें तथ्यहीन और भ्रामक मानते हुए अस्वीकार कर दिया। समिति का कहना है कि पात्रता की सही जांच किए बिना ही लाभार्थियों को सरकारी धनराशि जारी की गई। यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
मनरेगा कार्यों में भी अनियमितता
जांच में यह भी सामने आया कि मनरेगा योजना के निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं। इंटरलॉकिंग सड़क, सीसी रोड समेत कई निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। कई स्थानों पर कम कार्य कर पूरा भुगतान निकाल लिया गया, जबकि बेस और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। इस मद में 2.37 लाख रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है।
वित्त आयोग मद में गंभीर गड़बड़ी
केंद्रीय एवं राज्य वित्त आयोग मद से कराए गए कुल 16 कार्यों में भी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में पाया गया कि इंटरलॉकिंग सड़क, खड़ंजा और नाली निर्माण जैसे कार्यों में कहीं राबिस बिछाए बिना ही इंटरलॉकिंग कर दी गई तो कहीं नाली निर्माण किए बिना ही भुगतान कर दिया गया। कई कार्यों में कार्य की लंबाई और चौड़ाई कम रखकर भी पूरा भुगतान निकाल लिया गया। इस मद में 3.72 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि माप पुस्तिका (एमबी) का संधारण शासनादेश के विपरीत अवर अभियंता स्तर से नीचे के तकनीकी सहायकों से कराया गया। इससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा हुआ है।
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वर्जन
ग्राम पंचायत बकैनिया हरैया में वित्तीय अनियमितता के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित किया गया है और ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार को सीज कर दिया गया है।जांच पूरी होने तक ग्राम प्रधान के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार सीज रहेंगे। ग्राम पंचायत का संचालन अब तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया जाएगा।
-संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी
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