कुशीनगर/हाटा। हाटा क्षेत्र से होकर गुजरने वाले फोरलेन नेशनल हाईवे पर इन दिनों वाहन चालकों की मनमानी पार्किंग से दुर्घटनाओं का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। खासकर कोहरे के मौसम में यह लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है। सड़क किनारे या बीच हाईवे पर ट्रक, बस, पिकअप और अन्य भारी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, इससे तेज रफ्तार में आ रहे वाहन चालक समय रहते नहीं देख पाते और टकरा जाते हैं। यह घटनाएं हाईवे पर आम हो गई हैं। इसके अलावा सुकरौली से गाजीपुर तक हाईवे पर दस से अधिक स्थानों पर अवैध कट लोगों ने बना रखा है। हादसे की यह भी एक बड़ी वजह है।
गोरखपुर के सीमा 15 मिल चौराहा सुकरौली से तमकुहीराज के गाजीपुर बार्डर तक एनएच-28 पर हादसे का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह मनमाने तरीके से हाईवे पर वाहन पार्किंग करना है। कसया, गोरखपुर की ओर जाने वाले फोरलेन हिस्सों पर जगह-जगह खड़े ट्रक और बसें रात में खतरनाक बन जाती हैं। कई बार यह वाहन बिना पार्किंग लाइट या रिफ्लेक्टर लगाए खड़े कर दिए जा जाते हैं, इससे आने वाले वाहनों को खतरे का अंदाजा नहीं हो पाता। कुछ चालकों ने सड़क किनारे चाय-पान या खाने के बहाने वाहन खड़े कर दिए, तो कुछ बिना वजह गाड़ियों को वहीं रोककर आराम फरमाते हैं। हाईवे पर हाटा से लेकर गाजीपुर के बीच करीब 10 अवैध कट लोगों ने बना रखा है, अवैध कट से पार करते से भी तेज रफ्तार में गुजरने वाले टकरा जाते हैं। इसको लेकर एनएचआई के जिम्मेदार गंभीर नहीं है, इससे हादसे में इजाफा हो रहा है। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही सर्दी बढ़ गई है सुबह धुंध रह रहा है। ऐसे में दृश्यता कम होने के कारण हाईवे पर पहले से खड़े वाहन दिख नहीं पाते और मामूली चूक बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है। लोगों का कहना है कि कोहरे में गाड़ियों की हेडलाइट, इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर का प्रयोग अनिवार्य है, लेकिन अधिकांश चालक सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं। हाइवे पुलिस और ट्रैफिक विभाग की लापरवाही भी इस समस्या को और बढ़ा रही है। हाटा क्षेत्र से गुजरने वाले फोरलेन पर शायद ही कभी पेट्रोलिंग वाहन दिखाई देता है। हाटा नगर पालिका,कसया, कुशीनगर, तमकुहीराज, पटहेरवा, फाजिलनगर के आसपास के कस्बों के लोगों की मांग है कि फोरलेन के किनारे ट्रक चालकों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए जाएं, ताकि सड़क पर वाहन खड़ा करने की जरूरत न पड़े। स्थानीय प्रशासन यदि कस्बे के बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर ट्रक पार्किंग की व्यवस्था कर दे तो दुर्घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। लोगों का कहना है कि कोहरे के मौसम को देखते हुए हाइवे पर सख्त निगरानी रखी जाए। सड़क सुरक्षा संकेतक, चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। साथ ही हाईवे किनारे अतिक्रमण और अवैध ढाबों पर भी कार्रवाई की जाए जिससे फोरलेन सचमुच सुरक्षित बन सके।
- हाईवे पर डिवाइडरों और अंधे मोड़ या दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में सफेद पट्टी, रिफलेक्टर लगाने का निर्देश दिए गए हैं। हाईवे पर खड़े होने वाले वाहनों को मुजहना टोल प्लाजा और सलेमगढ़ के मैनेजर को पेट्रोलिंग कर वाहनों को हटवाने को कहा गया है। अवैघ कट बंद कराए गए थे, अगर लोगों ने फिर कट बना लिया है तो उसे बंद कराया जाएगा।
ललित पाल,प्रोजेक्ट मैनेजर एनएचएआई गोरखपुर