फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: नौकरी के नाम पर वसूली में बर्खास्त हो चुका है वेद

विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने वाले बर्खास्त मुख्य आरक्षी वेद प्रकाश भारती पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपये वसूलने के आरोप लगे थे। स्थानीय निवासी मनोज कुमार साहनी ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ से मिलकर आरोप लगाया था कि वेद प्रकाश ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे दो लाख रुपये लिए थे।
विज्ञापन

शिकायत के बाद तत्कालीन एसपी ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की थी। इस बीच वेद प्रकाश का स्थानांतरण महराजगंज से सिद्धार्थनगर हो गया। जांच पूरी होने पर वह दोषी पाया गया, जिसके आधार पर दिसंबर 2025 में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
बताया जाता है कि कार्रवाई से क्षुब्ध होकर वेद प्रकाश ने जांच अधिकारी जयराम सिंह समेत अन्य अधिकारियों पर भी आरोप लगाए थे। इसके बाद जनवरी 2026 में वेद प्रकाश ने एससी/एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें वेद प्रकाश ने आरोप लगाया कि पिता के इलाज के लिए उसने उद्योग चौराहे पर स्थित बाइक मैकेनिक मनोज साहनी से दो लाख रुपये उधार लिए थे। बाद में एक लाख रुपये वापस कर दिया। शेष राशि के लिए समय मांगने के बाद आरोपियों ने मनोज साहनी पर दबाव बनाकर वर्ष 2022 में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा दी।
विज्ञापन

वेद प्रकाश का आरोप है कि जब उन्होंने न्यायालय से प्राप्त स्थगन आदेश की प्रति विभागीय अधिकारियों को दी तो उसे फाड़ दिया गया और उन्हें अपमानित किया गया। आरोप लगाया कि 18 सितंबर 2025 को कोतवाली परिसर के बाहर आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया तथा प्राथमिकी लिखाने पर हत्या कराने, सड़क दुर्घटना में मरवाने या झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
उन्होंने घटना की शिकायत पुलिस अधीक्षक को पंजीकृत डाक से भेजी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मई 2026 में विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। प्रार्थनापत्र पर एसआईओ प्रभारी समेत पांच पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें