‘को-विन’ पोर्टल के माध्यम से वैक्सीनेशन पर रहेगी नजर
महराजगंज। जिले में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए वैक्सीन आने से पहले विभाग उसके रखरखाव की व्यवस्था में जुटा है। जल्दी ही कोरोना वैक्सीन रखने के लिए सभी आधुनिक आईएलआर मशीनें आएंगी। वैक्सीन आने के बाद पहले चरण में जिले के सरकारी और निजी क्षेत्र के लगभग सात हजार स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई जाएगी।
वैक्सीन कोल्ड चेन प्वाइंट पर वैक्सीन के स्टाक की मात्रा एवं भंडारण फ्रिजरियल टाइम तापमान की ऑनलाइन निगरानी ‘को-विन’ (विन ओवर कोविड) प्रोग्राम के अंतर्गत मोबाइल एप एवं बेब पोर्टल से की जाएगी। इसके लिए जिले में प्रत्येक कोल्ड चेन पर रखे आईएलआर में टेंपरेचर लागर नाम की एक सेंसर युक्त डिवाइस स्थापित है। यह डिवाइस नेट के माध्यम से वेब पोर्टल से जुड़ी रहेगी। यह पोर्टल पूरी तरह से कोरोना वैक्सीन के प्रबंध पर कार्य करेगा।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आईए अंसारी ने बताया कि कोरोना वैक्सीन के आने की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ जिले के अधिकारियों की बैठक कर समीक्षा की जा रही है। बताया कि कोरोना के टीकाकरण के लिए जिले के करीब 25 कर्मचारियों को स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन ट्रेनिंग ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि को-विन पोर्टल से वैक्सीन और लॉजिस्टिक, सत्र स्थल, वैक्सीनेटर और लाभार्थी की सूचना मिलेगी। ‘को-विन’ पोर्टल के माध्यम से रजिस्टर्ड लाभार्थी को वैक्सीनेशन की सूचना उनके मोबाइल पर मैसेज के जरिए प्राप्त होगी। उसमें स्थान, समय, दिनांक, सत्र स्थल और कौन वैक्सीनेटर है, इसकी जानकारी शामिल होगी।
केंद्र की ओर से प्रदेश सरकार को कोरोना वैक्सीन रखने के लिए आधुनिक दो मशीनें आईएलआर उपलब्ध कराई गई हैं। आइस लिंक्ड रेफ्रीजरेटर (आईएलआर) 40 लीटर से शुरू होकर 110 लीटर तक की होती है। जनसंख्या के हिसाब से इसे दिया जाता है।
पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत लाभार्थी को लाभ मिलेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी। इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। सत्र स्थल पर बिना मोबाइल फोन पर सूचना, मैसेज के किसी भी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं होगी। सभी नियम कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रभावी होंगे। समुदाय के आखिरी व्यक्ति तक टीकाकरण का लाभ देने का लक्ष्य है, जिसका लाभ क्रमवार दिया जाएगा।