महराजगंज/सोनौली। नेपाल जाने की कोशिश में शुक्रवार शाम को सोनौली सीमा पर पकड़ी गई उज्बेकिस्तानी महिला उमिदा जुरेवा अप्रैल में ही नेपाल के रास्ते भारत में अवैध तरीके से घुसी थी। तब से वह भारत में विभिन्न शहरों में घूम रही थी। वह कहां-कहां गई और इस दौरान क्या किया इस बारे में अभी कुछ पता नहीं चल सका है। आव्रजन अधिकारियों के अनुसार, उमिदा इससे पहले भी एक बार भारत आ चुकी थी। तब फरवरी 2025 में उसे जबरन उसके देश भेजने के बाद भारत सरकार ने उसके देश में आने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। आव्रजन अधिकारियों की तहरीर पर सोनौली पुलिस ने शनिवार को उमिदा का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सीओ नौतनवा अंकुर गौतम ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे एक विदेशी महिला सोनौली सीमा पर आव्रजन ऑफिस पहुंची और पासपोर्ट देकर डिपार्चर स्टांप लगाने को कहा। अधिकारियों ने उससे अन्य दस्तावेज मांगे तो वह कुछ दिखा नहीं सकी। इस पर उन्होंने उसका पासपोर्ट कब्जे में लेकर उसे हिरासत में ले लिया। पासपोर्ट पर महिला का नाम उमिदा जुरेवा, निवासी ताशकंद, उज्बेकिस्तान दर्ज था। पूछताछ में पता चला कि वह बिना वीजा ही अप्रैल में नेपाल के रास्ते भारत में घुसी थी और तब से यहां रह रही थी।
अधिकारियों ने महिला के बारे में छानबीन की तो पता चला कि वह इसके पहले भी भारत आ चुकी है और 22 फरवरी को एग्जिट परमिट के साथ मुंबई एयरपोर्ट से उसे जबरन उसके देश भेजा गया था। साथ ही इसके दुबारा भारत में नहीं प्रवेश करने के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया गया था। ऐसा क्यों किया गया इसका पता नहीं चला है। इसके बावजूद महिला बिना वीजा और आव्रजन क्लीयरेंस के भारत में नेपाल के रास्ते घुस गई।
इन स्थानों से होती है अधिक घुसपैठ : बीते पांच वर्ष में सोनौली कोतवाली क्षेत्र के सीमाओं से विदेशी घुसपैठ के मामलों पर नजर डाली जाए तो चार स्थानों से अवैध घुसपैठ के प्रयास हुए हैं। इसमें सोनौली की मुख्य सीमा, तिलाहवा का पगडंडी रास्ता, केवटलिया गांव, सुंडी व भगवानपुर के सीमा नाके शामिल हैं।
आवाजाही पर नहीं है कोई रोक-टोक :भारत-नेपाल सीमा पर भारत और नेपाल के नागरिकों को आवाजाही के लिए कोई रोक-टोक नहीं है। आईडी की जांच के बाद लोग आ जा सकते हैं। खुली सीमा का लाभ तीसरे देश के नागरिक आसानी से उठा रहे हैं। कभी बुर्का तो कभी साधु बनकर बॉर्डर पार करते पकड़े जा रहे हैं। कुछ तो घुसपैठ में सफल भी हो जाते हैं। जो सुरक्षा बलों के सामने एक बड़ी समस्या है।