महराजगंज। जिले में भारत-नेपाल सीमा के निकट यूरिया उर्वरक की तस्करी के दो बड़े मामलों का भंडाफोड़ हुआ है। जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई में नौतनवा क्षेत्र से कुल 71 बोरी यूरिया उर्वरक जब्त किया गया है।
एक मामले में मिथिलेश यादव और हरिकेश यादव के खिलाफ नौतनवा थाने में केस दर्ज किया गया है। जबकि दूसरे मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पहले मामले में कृषि विभाग को 21 अगस्त को सूचना मिली कि नौतनवा थाना क्षेत्र के सुंडी गांव में मिथिलेश यादव के घर में यूरिया उर्वरक का अवैध भंडारण किया गया है, जिसे नेपाल में तस्करी के लिए ले जाने की योजना थी। सूचना मिलने के बाद टीम ने मिथिलेश यादव के घर पर छापा मारा। छापे के दौरान मिथिलेश के घर से 50 बोरी यूरिया उर्वरक बरामद किया गया। पूछताछ में मिथिलेश ने कोई वैध लाइसेंस या भंडारण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। मिथिलेश ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि यह यूरिया हरिकेश यादव, निवासी सुंडी का है, जिसे उन्होंने भंडारण के लिए अपने घर में रखा था। उन्होंने यह भी कबूल किया कि वह अधिक मुनाफे के लिए यूरिया को पगडंडियों के रास्ते नेपाल के बाजारों में बेचता था।
इस कार्रवाई में उप जिलाधिकारी नौतनवा, नवीन प्रसाद, और नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव भी मौके पर मौजूद थे। कार्रवाई में 50 बोरी यूरिया को सीज कर दिया गया और एफआईआर के साथ सीजर लिस्ट तैयार की गई। जब्त यूरिया और मिथिलेश को सहायक विकास अधिकारी कृषि, मुनीर आलम, को सौंप दिया गया, जिन्होंने इसे नौतनवा थाने को हस्तांतरित कर दिया। कृषि विभाग के इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया कि मिथिलेश और हरिकेश यूरिया की तस्करी में लिप्त थे।
दूसरे मामले में 23 अगस्त को हरदीडाली के क्वाय इंचार्ज को 66वीं बटालियन, सशस्त्र सीमा बल की इंटेलीजेंस ब्रांच से सूचना मिली की नौतनवा के वार्ड नंबर आठ, मधुबन नगर में यूरिया उर्वरक का अवैध भंडारण किया गया है और इसे नेपाल में तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई। कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव में टीम ने मौके पर पहुंचकर 21 बोरी यूरिया बरामद किया। यूरिया को सीज कर लिया गया और सीजर लिस्ट के साथ रिपोर्ट तैयार की गई।
जब्त यूरिया को सहायक विकास अधिकारी कृषि मुनीर आलम को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए सौंप दिया। इस मामले में यूरिया भंडारण करने वाले व्यक्तियों की पहचान नहीं हो सकी लेकिन प्रथम दृष्टया यह साबित हुआ कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 का उल्लंघन करते हुए भारत-नेपाल सीमा के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में यूरिया का अवैध भंडारण और तस्करी की जा रही थी।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया एक मामले में दो नामजद वहीं, दूसरे मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस हुआ है। जब्त यूरिया को किसानों के बीच निर्धारित मूल्य पर देकर राशि राजकीय कोष में जमा करा दिया गया।