महराजगंज। नेपाल की राजधानी काठमांडो में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई थी। पर्यटकों को काठमांडो नहीं जाने दिया जा रहा था। अब वहां हालात सामान्य होने पर सोनौली सीमा से ट्रक समेत पर्यटक बस काठमांडो रवाना हो रहे हैं। उनको आने जाने पर कोई रोक नहीं है। भंसार की समय सीमा भी समाप्त कर दी गई है। पहले की तरह आवागमन हो रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नेपाल में जगह-जगह सुरक्षा बढ़ा दी गई है। झापा में पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह के साथ पदयात्रा निकाली गई।
शनिवार को सोनौली सीमा नेपाल की राजधानी काठमांडो जाने वाले पर्यटक वाहन को बेलहिया में रोका नहीं गया। 12 घंटे तक भंसार बनाने की बाध्यता भी समाप्त कर दी गई। इससे नेपाल में जाने वाले पर्यटकों ने राहत महसूस की। गोरखपुर नौसड़ के वीरेंद्र प्रसाद पोखरा जा रहे थे। उन्होंने बताया कि वहां दो दिन रूकना है। भंसार भी दो दिन का बन गया है। इसी तरह से पशुपति नाथ दर्शन के लिए आ रहे आजमगढ़ के सत्यव्रत यादव परिवार के सदस्याें के साथ मिले। उन्होंने कहा कि पता चला था कि दो दिन से काठमांडो नहीं जाने दिया जा रहा है, लेकिन शनिवार को भंसार में कोई परेशानी नहीं हुई। आवागमन सामान्य दिख रहा है। इसी तरह से जरूरत के अनुसार पर्यटक अपने पसंदीदा स्थल की ओर रवाना हुए। भारत नेपाल मैत्री संघ के अध्यक्ष श्रीचंद्र गुप्ता ने बताया कि स्थिति सामान्य है। शनिवार से काठमांडू की यात्रा शुरू हो गई है।
झापा शहर में पहुंचे पूर्व नरेश नेपाल ने निकाली पदयात्रा
महराजगंज। नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर झापा पहुंचे और समर्थकों से मुलाकात कर पदयात्रा यात्रा निकाली। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपीए) के प्रवक्ता मोहन कुमार श्रेष्ठ ने बताया कि शनिवार को धुलाबाड़ी में निमजा नदी से पूर्व नरेश के स्वागत के लिए 8,000 बाइकों की रैली निकाली गई है। कार्यक्रम में पूर्व नेपाल नरेश शाह ने बिरतामोड़ में पदयात्रा के दौरान आम लोगों से मुलाकात भी किया। राजशाही की मांग को लेकर करीब 50 हजार लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
सुरक्षा घेरा लगाकर प्रदर्शन को रोका
महराजगंज। नेपाल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन होने के बाद प्रशासन ने कड़ाई शुरू कर दी है। तिनकुने में विरोध कार्यक्रम तय होने के बाद सुरक्षा घेरा लगाकर प्रदर्शन को रोक दिया गया, जबकि नेता प्रसाई को भक्तपुर में उनके आवास से बाहर निकलने से रोक दिया गया। पुलिस ने उनके समर्थकों को हिरासत में लिया और शाम को रिहा कर दिया। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवींद्र मिश्रा ने कहा कि नेपाली कांग्रेस और सीपीएन माओवादी केंद्र के भीतर ''हिंदू राष्ट्र'' घोषित करने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने आज ट्विटर पर एक लंबे बयान में यह दावा किया।