घुघली-महराजगंज-आनंदनगर तक प्रस्तावित नई रेल लाइन की कुल लंबाई है 52.70 किलोमीटर
पहले चरण के तहत घुघली से महराजगंज तक 24.8 किमी के खंड में दो स्थानों पर रेलवे अंडरपास निर्माण कार्य शुरू
महराजगंज। घुघली से महराजगंज होते हुए आनंदनगर तक प्रस्तावित 52.70 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह परियोजना अब धरातल पर उतरने लगी है। रेल विभाग की ओर से परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण के तहत घुघली से महराजगंज तक 24.8 किमी के खंड में दो स्थानों पर रेलवे अंडरपास निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, घुघली-महराजगंज-आनंदनगर तक प्रस्तावित नई रेल लाइन की कुल लंबाई 52.70 किलोमीटर है। इस मार्ग पर कुल 52 गांवों से रेलवे ट्रैक गुजरेगा। पहले चरण में घुघली से महराजगंज तक के हिस्से में रामपुर बल्डिहा और पिपरादेउरा गांव के पास रेलवे अंडरपास निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के एक्सईएन शशिकांत सिंह ने पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सेक्शन इंजीनियर अजय, राजीव रंजन, कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित गुप्ता और पिंटू देबनाथ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। रामपुर बल्डिहा के निवासी अजय ने बताया कि वर्षों से इस रेल लाइन का इंतजार था। अब जब निर्माण शुरू हो गया है तो उम्मीद है कि जल्द ही ट्रेन की आवाज यहां गूंजेगी। पिपरादेउरा के ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास निर्माण से आवागमन में सुविधा मिलेगी।
शिकारपुर में कंक्रीट प्लांट पूरी तरह सक्रिय
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर पिंटू देबनाथ ने बताया कि अंडरपास निर्माण कार्य शुभारंभ के बाद निर्माण एजेंसी ने दोनों स्थलों पर प्रारंभिक मिट्टी परीक्षण और अंडरपास निर्माण के लिए नींव खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है। अंडरपास निर्माण से स्थानीय लोगों को रेल लाइन पार करने में सहूलियत होगी और सड़क यातायात भी निर्बाध रहेगा। उधर रेल लाइन के कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने के लिए कई सहायक व्यवस्थाएं भी पूरी की जा रही हैं। शिकारपुर में रेल परियोजना के लिए तैयार किया गया कंक्रीट प्लांट अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। यहां से निर्माण में लगने वाले आरसीसी मिक्स और अन्य सामग्रियों की आपूर्ति की जाएगी।
इसके अलावा लोहे की सामग्रियों के वजन के लिए धर्मकांटा (वजन कांटा) की स्थापना भी हो चुकी है। वहीं, निर्माण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम निर्माण कार्य प्रगति पर है। रेल परियोजना से संबंधित सामग्रियों की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने के लिए साइट पर ही टेस्टिंग लैब स्थापित की जा रही है। लैब के तैयार हो जाने के बाद कंक्रीट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री का परीक्षण वहीं किया जाएगा ताकि गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
4 छोटे पुल और 14 रेलवे अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित
निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित गुप्ता ने बताया कि पहले चरण में घुघली से महराजगंज तक कुल 18 बड़े पुल, 4 छोटे पुल और 14 रेलवे अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। फिलहाल दो अंडरपास का काम शुरू हो गया है, जबकि अन्य पुल और अंडरपास के डिजाइन की प्रक्रिया चल रही है। जैसे-जैसे डिजाइनों को अंतिम रूप मिलेगा, वैसे ही अन्य स्थलों पर भी निर्माण कार्य शुरू कराए जाएंगे। रेल लाइन परियोजना को लेकर विभाग ने सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों की जांच नियमित रूप से की जाएगी। परियोजना स्थल पर कार्यदायी संस्थाओं की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग टीम तैनात की गई है।
रेल लाइन के तहत प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण तेजी
महराजगंज। जिले में नई रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे विभाग और राजस्व प्रशासन की संयुक्त टीम चरणबद्ध तरीके से अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को पूरा कर रही है। पहले चरण में जिले के 29 गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इस दौरान प्रभावित किसानों को 4.58 अरब रुपये का मुआवजा भुगतान किया गया है। वहीं, दूसरे चरण में शामिल 9 गांवों के किसानों को 83.33 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। 49 किसानों ने अपने भूमि मूल्यांकन को लेकर आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता न्यायाधिकरण) में वाद दाखिल किया है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन का मूल्यांकन वास्तविक बाजार दर से कम पर किया गया है। इस वजह से उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला। संवाद
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जिले में नई रेल परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी पूरी की जा रही है। प्रभावित किसानों को नियम के अनुसार, मुआवजा वितरित किया जा रहा है।
-नंद प्रकाश मौर्य, प्रभारी उप भूमि अध्याप्ति अधिकारी