बृहस्पतिवार को दो सौ से अधिक मालवाहक वाहन, टैंकर तथा गैस की गाड़ियां नेपाल भेजी गईं। कस्टम तथा स्थानीय पुलिस के बीच बैठक में इन गाड़ियों को भेजने का निर्णय लिया गया।
गाड़ियों के जाने से जहां नेपाल में तेल और अन्य जरूरी सामान का संकट कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है। वहीं बार्डर पर लंबे समय से चल रहे जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी।
नेपाल में खाद्यान्न, तेल तथा गैस की भारी किल्लत और सीमा पर रोके गए वाहन चालकों की पीड़ा को समझते हुए एसपी भारत सिंह यादव तथा कस्टम उपायुक्त मधुकर आनंद के निर्देश पर स्थानीय अधिकारियों ने नो मैंस लैंड पर कस्टम कार्यालय में बैठक कर हर रोज दो सौ मालवाहक वाहन नेपाल भेजने का निर्णय लिया।
उसके बाद प्रशासन ने गहन चेकिंग के बाद दो सौ से अधिक मालवाहक वाहनों को नेपाल भेजा। नेपाल में मधेसी आंदोलनकारियों की वजह से खाद्यान्न, डीजल, पेट्रोल तथा गैस की भारी कमी हो गई है। इनके दाम में काफी इजाफा हो गया है। एक महीने से सोनौली बार्डर पर फंसे सैकड़ों ट्रकों में रखे सामान खराब हो रहे थे।
कस्टम अधीक्षक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अब हर रोज दो सौ अधिक मालवाहक गाड़ियां नेपाल भेजी जाएंगी।