महाराष्ट्र के व्यक्ति से 4.40 लाख रुपये की ठगी का हुआ खुलासा
आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल व नकदी बरामद
महराजगंज। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो कूटरचित आधार कार्ड, दो आधार कार्ड की फोटो कॉपी और 150 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
प्रतिबिंब पोर्टल पर चिह्नित साइबर हॉटस्पॉट और एक ऑनलाइन शिकायत और एक ठगी के मामले में जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। महाराष्ट्र निवासी बलिराम राजभर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गैस कनेक्शन केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर व्हाट्सएप कॉल कर उनसे एपीके फाइल इंस्टॉल कराई गई। इसके बाद उनका मोबाइल हैक हो गया और उनके इंडसइंड बैंक खाते से चार बार में कुल 4.40 लाख रुपये निकाल लिए गए।
जांच में ठगी की रकम का 70 हजार रुपये महराजगंज के निचलौल थाना क्षेत्र के बैदौली निवासी निकेश के यूनियन बैंक खाते में पहुंचना पाया गया। बैंक रिकॉर्ड और प्रतिबिंब पोर्टल के आधार पर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। मुखबिर की सूचना पर निचलौल-झुलनीपुर नहर मार्ग स्थित पुल के पास से निकेश और उसके साथी मिथुन चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से साइबर ठगी करते थे। गिरोह के सदस्य लोगों को झांसे में लेकर एपीके फाइल भेजते थे, जबकि अन्य सदस्य बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराते थे। ठगी की रकम विभिन्न खातों में मंगाकर एटीएम, यूपीआई और एईपीएस के माध्यम से निकालकर आपस में बांट लेते थे।
तलाशी के दौरान दोनों के पास से मिले आधार कार्डों की जांच में वे कूटरचित पाए गए। फर्जी आधार कार्डों पर दूसरे व्यक्तियों का नाम अंकित था जबकि फोटो आरोपियों की लगी थी। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि पुराने बैंक खाते फ्रीज होने के बाद नए खाते खुलवाने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार कराए थे। पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों को सील कर कब्जे में ले लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई।
प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना सजनू यादव ने बताया कि गिरफ्तार निचलौल निवासी निकेश और मिथुन शामिल हैं। उन्होंने अपील की है कि किसी भी अज्ञात नंबर से प्राप्त एपीके फाइल डाउनलोड न करें, केवल अधिकृत एप स्टोर से ही एप्लिकेशन इंस्टॉल करें और ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई संदिग्ध फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद कर बैंक को सूचित करें तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।