महराजगंज। कोल्हुई थाना क्षेत्र में वर्ष 1993 में हुई मारपीट और गाली-गलौज के मामले में दीवानी न्यायालय फरेंदा ने 33 साल बाद दो दोषियों को सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को एक-एक दिन की न्यायिक अभिरक्षा और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोनों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियुक्त श्यामलाल और विक्रम, निवासी लवदहा, थाना कोल्हुई के खिलाफ वादी अदालत ने प्राथमिकी दर्ज कराया था। घटना 26 जून 1993 की है। आरोप था कि अभियुक्तों ने पीड़ित के साथ बुरी तरह मारपीट करने के साथ गाली-गलौज की थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद 12 जुलाई 1993 को दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई न्यायालय में चलती रही। लंबे समय बाद साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।