तीन दिन बाद खुला आयात-निर्यात का रास्ता, बुधवार से शुरू हुआ ट्रकों का आवागमन
जाम में फंसे वाहनों की निकासी के लिए रात 12 बजे तक खुला रहा सीमा क्षेत्र
सोनौली। भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर भंसार एजेंटों की तीन दिनों तक चली हड़ताल मंगलवार रात करीब आठ बजे समाप्त हो गई। इसके बाद बुधवार से सीमा पर मालवाहक ट्रकों का आवागमन फिर से शुरू हो गया। हड़ताल समाप्त होने से आयात-निर्यात कारोबार में आई रुकावट दूर होने लगी है और सीमा पर सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
भारतीय मूल के एजेंटों की हड़ताल के चलते तीन दिनों तक नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रभावित रहा। इसका असर यह हुआ कि सोनौली सीमा पर करीब तीन किलोमीटर तक ट्रकों की लंबी कतार लग गई। सैकड़ों चालक कई घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थिति को सामान्य करने के लिए स्थानीय प्रशासन और कस्टम अधिकारियों ने विशेष व्यवस्था की। लंबित वाहनों की निकासी और कागजी औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए सीमा क्षेत्र स्थित कस्टम कार्यालय को रात 12 बजे तक खुला रखा गया। देर रात तक ट्रकों की क्लीयरेंस कर उन्हें नेपाल के लिए रवाना किया जाता रहा। इसके बावजूद समस्या बनी हुई थी।
लेकिन हड़ताल समाप्त होने के बाद व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। कोतवाल सोनौली महेंद्र कुमार मिश्रा कहना है कि जाम को लेकर रात 12 बजे तक मालवाहक वाहनों को नेपाल भेजा जाएगा और जल्द ही सीमा पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।