तालाब सूखने से पशु हो रहे परेशान
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महराजगंज। तालाब में पानी भरने का काम ठंडे बस्ते में है। तालाबों में धूल उड़ रही है। मवेशियों को पीने के लिए पानी नहीं है। भीषण गर्मी में पशु - पक्षी बेहाल होने लगे हैं। पालतू पशुओं के लिए तो पशुपालक पानी की व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन घुमंतू पशुओं के लिए दिक्कत बढ़ रही है।
प्रशासन की तरफ से जिले के करीब 1600 तालाबों में पानी भरवाने के लिए सूची तैयार की गई है। इस बीच अप्रैल माह बीत गया और मई का पहला सप्ताह भी बीतने को है लेकिन ही पूरा होने को है लेकिन अब तक विकास खंड स्तर पर एक भी तालाब भरे नहीं गए। ऐसे में घुमंतू पशुओं की परेशानी बढ़ रही है। रविवार को शिकारपुर से आगे रोड के किनारे तालाब देख एक पशु पानी पीने के लिए उतरा। इस तालाब में दरार बनी हुई थी। पूरे तालाब में एक कोने में थोड़ा सा पानी दिखाई दे रहा था। पानी पीने के लिए पशु बार - बार उसके करीब जाता था लेकिन वह पानी नहीं पी सका। पानी के लिए घुमंतू पशु घुम रहे हैं लेकिन पानी नसीब नहीं हो रहा है। व्यापारी नेता पशुपति नाथ गुप्ता ने कहा कि घुमंतू पशुओं के लिए पानी की समस्या है, लेकिन प्रशासन इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। चेहरी गांव के गोविंद मणि का कहना है कि कई गांवों में तालाबों में पानी नहीं है। जिससे छुट्टा पशुओं को परेशानी हो रही है। सीडीओ राम सिंहासन प्रेम ने कहा कि सभी ब्लॉकों में विकास खंड अधिकारियों को पत्र भेजकर क्षेत्र में चिह्नित तालाबों में पानी भरवाने को कहा गया है। ताकि घुमंतू पशुओं को पानी के संकट का सामना न करना पड़े।